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Translation comparisonCompare Al-Fatihah Quran translations
Compare up to three verified translation editions verse by verse, including editions in two different languages.
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿1﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
अल्लाह के नाम से जो बड़ा कृपालु और अत्यन्त दयावान हैं।
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ ﴿2﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
हर प्रकार की प्रशंसा उस अल्लाह[1] के लिए है, जो सारे संसारों का पालनहार[2] है।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए हैं जो सारे संसार का रब हैं
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿3﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला[3] है।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
रहमान और रहीम है।
مَٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿4﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
जो बदले[4] के दिन का मालिक है।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
बदला दिए जाने के दिन का मालिक हैं
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
रोज़े जज़ा का मालिक है।
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿5﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
(ऐ अल्लाह!) हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझी से सहायता माँगते[5] हैं।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
हम तेरी बन्दगी करते हैं और तुझी से मदद माँगते हैं
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿6﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
हमें सीधे मार्ग पर चला।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
हमें सीधे मार्ग पर चला
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
हमें सीधा रास्ता दिखा।
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿7﴾
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
उन लोगों का मार्ग, जिनपर तूने अनुग्रह किया।[6] उनका नहीं, जिनपर तेरा प्रकोप[7] हुआ और न ही उनका, जो गुमराह हैं।
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
उन लोगों के मार्ग पर जो तेरे कृपापात्र हुए, जो न प्रकोप के भागी हुए और न पथभ्रष्ट
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।