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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ حمٓ ﴿1﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

ह़ा, मीम।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हा॰ मीम॰

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

हा मीम

وَٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُبِينِ ﴿2﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क़सम है स्पष्ट करने वाली पुस्तक की।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

गवाह है स्पष्ट किताब

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वाज़ेए व रौशन किताब (कुरान) की क़सम

إِنَّآ أَنزَلْنَٰهُ فِى لَيْلَةٍۢ مُّبَٰرَكَةٍ ۚ إِنَّا كُنَّا مُنذِرِينَ ﴿3﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह हमने इसे[1] एक बरकत वाली रात में उतारा है। निःसंदेह हम डराने वाले थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निस्संदेह हमने उसे एक बरकत भरी रात में अवतरित किया है। - निश्चय ही हम सावधान करनेवाले है।-

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

हमने इसको मुबारक रात (शबे क़द्र) में नाज़िल किया बेशक हम (अज़ाब से) डराने वाले थे

فِيهَا يُفْرَقُ كُلُّ أَمْرٍ حَكِيمٍ ﴿4﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

इसी (रात) में प्रत्येक अटल मामले का निर्णय किया जाता है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उस (रात) में तमाम तत्वदर्शिता युक्त मामलों का फ़ैसला किया जाता है,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

इसी रात को तमाम दुनिया के हिक़मत व मसलेहत के (साल भर के) काम फ़ैसले किये जाते हैं

أَمْرًۭا مِّنْ عِندِنَآ ۚ إِنَّا كُنَّا مُرْسِلِينَ ﴿5﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

हमारी ओर से आदेश के कारण। निःसंदेह हम ही भेजने वाले थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमारे यहाँ से आदेश के रूप में। निस्संदेह रसूलों को भेजनेवाले हम ही है। -

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

यानि हमारे यहाँ से हुक्म होकर (बेशक) हम ही (पैग़म्बरों के) भेजने वाले हैं

رَحْمَةًۭ مِّن رَّبِّكَ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ ﴿6﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

आपके पालनहार की दया के कारण। निश्चय वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तुम्हारे रब की दयालुता के कारण। निस्संदेह वही सब कुछ सुननेवाला, जाननेवाला है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी है, वह बेशक बड़ा सुनने वाला वाक़िफ़कार है

رَبِّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ ﴿7﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जो आकाशों तथा धरती और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों का पालनहार है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

आकाशों और धरती का रब और जो कुछ उन दोनों के बीच है उसका भी, यदि तुम विश्वास रखनेवाले हो (तो विश्वास करो कि किताब का अवतरण अल्लाह की दयालुता है)

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है सबका मालिक

لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ يُحْىِۦ وَيُمِيتُ ۖ رَبُّكُمْ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ ﴿8﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं। वही जीवित करता और मारता है। तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादाओं का पालनहार है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उसके अतिरिक्त कोई पूज्य-प्रभु नहीं; वही जीवित करता और मारता है; तुम्हारा रब और तुम्हारे अगले बाप-दादों का रब है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अगर तुममें यक़ीन करने की सलाहियत है (तो करो) उसके सिवा कोई माबूद नहीं - वही जिलाता है वही मारता है तुम्हारा मालिक और तुम्हारे (अगले) बाप दादाओं का भी मालिक है

بَلْ هُمْ فِى شَكٍّۢ يَلْعَبُونَ ﴿9﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

बल्कि वे संदेह में पड़े रहे हैं

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

लेकिन ये लोग तो शक़ में पड़े खेल रहे हैं

فَٱرْتَقِبْ يَوْمَ تَأْتِى ٱلسَّمَآءُ بِدُخَانٍۢ مُّبِينٍۢ ﴿10﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तो आप उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब आकाश प्रत्यक्ष धुआँ[2] लाएगा।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अच्छा तो तुम उस दिन की प्रतीक्षा करो, जब आकाश प्रत्यक्ष धुँआ लाएगा।

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो तुम उस दिन का इन्तेज़ार करो कि आसमान से ज़ाहिर ब ज़ाहिर धुऑं निकलेगा

يَغْشَى ٱلنَّاسَ ۖ هَٰذَا عَذَابٌ أَلِيمٌۭ ﴿11﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जो लोगों को ढाँप लेगा। यह दुःखदायी यातना है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह लोगों का ढाँक लेगा। यह है दुखद यातना!

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और) लोगों को ढाँक लेगा ये दर्दनाक अज़ाब है

رَّبَّنَا ٱكْشِفْ عَنَّا ٱلْعَذَابَ إِنَّا مُؤْمِنُونَ ﴿12﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

ऐ हमारे पालनहार! हमसे यह यातना दूर कर दे। निःसंदेह हम ईमान लाने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे कहेंगे, "ऐ हमारे रब! हमपर से यातना हटा दे। हम ईमान लाते है।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कुफ्फ़ार भी घबराकर कहेंगे कि परवरदिगार हमसे अज़ाब को दूर दफ़ा कर दे हम भी ईमान लाते हैं

أَنَّىٰ لَهُمُ ٱلذِّكْرَىٰ وَقَدْ جَآءَهُمْ رَسُولٌۭ مُّبِينٌۭ ﴿13﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उनके लिए नसीहत कहाँ? हालाँकि, निश्चित रूप से उनके पास स्पष्ट करने वाला रसूल आ चुका।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अब उनके होश में आने का मौक़ा कहाँ बाक़ी रहा। उनका हाल तो यह है कि उनके पास साफ़-साफ़ बतानेवाला एक रसूल आ चुका है।

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(उस वक्त) भला क्या उनको नसीहत होगी जब उनके पास पैग़म्बर आ चुके जो साफ़ साफ़ बयान कर देते थे

ثُمَّ تَوَلَّوْا۟ عَنْهُ وَقَالُوا۟ مُعَلَّمٌۭ مَّجْنُونٌ ﴿14﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर उन्होंने उससे मुँह फेर लिया और उन्होंने कहा : यह तो सिखाया हुआ है, यह पागल है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर उन्होंने उसकी ओर से मुँह मोड़ लिया और कहने लगे, "यह तो एक सिखाया-पढ़ाया दीवाना है।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

इस पर भी उन लोगों ने उससे मुँह फेरा और कहने लगे ये तो (सिखाया) पढ़ाया हुआ दीवाना है

إِنَّا كَاشِفُوا۟ ٱلْعَذَابِ قَلِيلًا ۚ إِنَّكُمْ عَآئِدُونَ ﴿15﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह हम इस यातना को थोड़ी देर के लिए दूर करने वाले हैं। (परंतु) निःसंदेह तुम फिर वही कुछ करने वाले हो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"हम यातना थोड़ा हटा देते है तो तुम पुनः फिर जाते हो।

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(अच्छा ख़ैर) हम थोड़े दिन के लिए अज़ाब को टाल देते हैं मगर हम जानते हैं तुम ज़रूर फिर कुफ्र करोगे

يَوْمَ نَبْطِشُ ٱلْبَطْشَةَ ٱلْكُبْرَىٰٓ إِنَّا مُنتَقِمُونَ ﴿16﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जिस दिन हम बड़ी पकड़[3] पकड़ेंगे, निःसंदेह हम बदला लेने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

याद रखो, जिस दिन हम बड़ी पकड़ पकड़ेंगे, तो निश्चय ही हम बदला लेकर रहेंगे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

हम बेशक (उनसे) पूरा बदला तो बस उस दिन लेगें जिस दिन सख्त पकड़ पकड़ेंगे

۞ وَلَقَدْ فَتَنَّا قَبْلَهُمْ قَوْمَ فِرْعَوْنَ وَجَآءَهُمْ رَسُولٌۭ كَرِيمٌ ﴿17﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा निःसंदेह हमने इनसे पूर्व फ़िरऔन की जाति की परीक्षा ली तथा उनके पास एक अति सम्मानित रसूल आया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उनसे पहले हम फ़िरऔन की क़ौम के लोगों को परीक्षा में डाल चुके हैं, जबकि उनके पास एक अत्यन्त सज्जन रसूल आया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनसे पहले हमने क़ौमे फिरऔन की आज़माइश की और उनके पास एक आली क़दर पैग़म्बर (मूसा) आए

أَنْ أَدُّوٓا۟ إِلَىَّ عِبَادَ ٱللَّهِ ۖ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ ﴿18﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

यह कि अल्लाह के बंदों को मेरे हवाले कर दो। निश्चय मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कि "तुम अल्लाह के बन्दों को मेरे हवाले कर दो। निश्चय ही मै तुम्हारे लिए एक विश्वसनीय रसूल हूँ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे हवाले कर दो मैं (ख़ुदा की तरफ से) तुम्हारा एक अमानतदार पैग़म्बर हूँ

وَأَن لَّا تَعْلُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ ۖ إِنِّىٓ ءَاتِيكُم بِسُلْطَٰنٍۢ مُّبِينٍۢ ﴿19﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा यह कि अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, निःसंदेह मैं तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लाने वाला हूँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, मैं तुम्हारे लिए एक स्पष्ट प्रमाण लेकर आया हूँ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ख़ुदा के सामने सरकशी न करो मैं तुम्हारे पास वाज़ेए व रौशन दलीलें ले कर आया हूँ

وَإِنِّى عُذْتُ بِرَبِّى وَرَبِّكُمْ أَن تَرْجُمُونِ ﴿20﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की इससे शरण ली है कि तुम मुझपर पथराव कर मेरी जान ले लो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और मैं इससे अपने रब और तुम्हारे रब की शरण ले चुका हूँ कि तुम मुझ पर पथराव करके मार डालो

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और इस बात से कि तुम मुझे संगसार करो मैं अपने और तुम्हारे परवरदिगार (ख़ुदा) की पनाह मांगता हूँ

وَإِن لَّمْ تُؤْمِنُوا۟ لِى فَٱعْتَزِلُونِ ﴿21﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और अगर तुम मेरी बात नहीं मानते, तो मुझसे दूर रहो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

किन्तु यदि तुम मेरी बात नहीं मानते तो मुझसे अलग हो जाओ!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और अगर तुम मुझ पर ईमान नहीं लाए तो तुम मुझसे अलग हो जाओ

فَدَعَا رَبَّهُۥٓ أَنَّ هَٰٓؤُلَآءِ قَوْمٌۭ مُّجْرِمُونَ ﴿22﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अंततः उसने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह ये अपराधी लोग हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अन्ततः उसने अपने रब को पुकारा कि "ये अपराधी लोग है।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(मगर वह सुनाने लगे) तब मूसा ने अपने परवरदिगार से दुआ की कि ये बड़े शरीर लोग हैं

فَأَسْرِ بِعِبَادِى لَيْلًا إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ ﴿23﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः तुम मेरे बंदों को लेकर रातों-रात चले जाओ। निःसंदेह तुम्हारा पीछा किया जाएगा।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"अच्छा तुम रातों रात मेरे बन्दों को लेकर चले जाओ। निश्चय ही तुम्हारा पीछा किया जाएगा

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो ख़ुदा ने हुक्म दिया कि तुम मेरे बन्दों (बनी इसराईल) को रातों रात लेकर चले जाओ और तुम्हारा पीछा भी ज़रूर किया जाएगा

وَٱتْرُكِ ٱلْبَحْرَ رَهْوًا ۖ إِنَّهُمْ جُندٌۭ مُّغْرَقُونَ ﴿24﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा सागर को अपनी दशा पर ठहरा हुआ छोड़ दे। निःसंदेह वे एक ऐसी सेना हैं, जो डुबोए जाने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और सागर को स्थिर छोड़ दो। वे तो एक सेना दल हैं, डूब जानेवाले।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और दरिया को अपनी हालत पर ठहरा हुआ छोड़ कर (पार हो) जाओ (तुम्हारे बाद) उनका सारा लशकर डुबो दिया जाएगा

كَمْ تَرَكُوا۟ مِن جَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍۢ ﴿25﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे छोड़ गये कितनॆ ही बाग़ और स्रोत

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वह लोग (ख़ुदा जाने) कितने बाग़ और चश्में और खेतियाँ

وَزُرُوعٍۢ وَمَقَامٍۢ كَرِيمٍۢ ﴿26﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा खेतियाँ और बढ़िया स्थान।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और ख़ेतियां और उत्तम आवास-

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और नफीस मकानात और आराम की चीज़ें

وَنَعْمَةٍۢ كَانُوا۟ فِيهَا فَٰكِهِينَ ﴿27﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा सुख-सामग्री, जिनमें वे आनंद ले रहे थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और सुख सामग्री जिनमें वे मज़े कर रहे थे।

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिनमें वह ऐश और चैन किया करते थे छोड़ गये यूँ ही हुआ

كَذَٰلِكَ ۖ وَأَوْرَثْنَٰهَا قَوْمًا ءَاخَرِينَ ﴿28﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

ऐसा ही हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी दूसरे[4] लोगों को बना दिया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हम ऐसा ही मामला करते है, और उन चीज़ों का वारिस हमने दूसरे लोगों को बनाया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उन तमाम चीज़ों का दूसरे लोगों को मालिक बना दिया

فَمَا بَكَتْ عَلَيْهِمُ ٱلسَّمَآءُ وَٱلْأَرْضُ وَمَا كَانُوا۟ مُنظَرِينَ ﴿29﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर न उनपर आकाश और धरती रोए और न वे मोहलत पाने वाले हुए।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर न तो आकाश और धरती ने उनपर विलाप किया और न उन्हें मुहलत ही मिली

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो उन लोगों पर आसमान व ज़मीन को भी रोना न आया और न उन्हें मोहलत ही दी गयी

وَلَقَدْ نَجَّيْنَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ مِنَ ٱلْعَذَابِ ٱلْمُهِينِ ﴿30﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा निःसंदेह हमने इसराईल की संतान को अपमानकारी यातना से बचा लिया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

इस प्रकार हमने इसराईल की सन्तान को अपमानजनक यातना से

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने बनी इसराईल को ज़िल्लत के अज़ाब से फिरऔन (के पन्जे) से नजात दी

مِن فِرْعَوْنَ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَالِيًۭا مِّنَ ٱلْمُسْرِفِينَ ﴿31﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फ़िरऔन से। निःसंदेह वह हद से बढ़ने वालों में से एक सरकश व्यक्ति था।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अर्थात फ़िरऔन से छुटकारा दिया। निश्चय ही वह मर्यादाहीन लोगों में से बड़ा ही सरकश था

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वह बेशक सरकश और हद से बाहर निकल गया था

وَلَقَدِ ٱخْتَرْنَٰهُمْ عَلَىٰ عِلْمٍ عَلَى ٱلْعَٰلَمِينَ ﴿32﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा निःसंदेह हमने उन्हें ज्ञान के आधार पर संसार वासियों पर चुन लिया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और हमने (उनकी स्थिति को) जानते हुए उन्हें सारे संसारवालों के मुक़ाबले मं चुन लिया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने बनी इसराईल को समझ बूझ कर सारे जहॉन से बरगुज़ीदा किया था

وَءَاتَيْنَٰهُم مِّنَ ٱلْءَايَٰتِ مَا فِيهِ بَلَٰٓؤٌۭا۟ مُّبِينٌ ﴿33﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा हमने उन्हें ऐसी निशानियाँ प्रदान कीं, जिनमें खुली परीछा थी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और हमने उन्हें निशानियों के द्वारा वह चीज़ दी जिसमें स्पष्ट परीक्षा थी

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने उनको ऐसी निशानियाँ दी थीं जिनमें (उनकी) सरीही आज़माइश थी

إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ لَيَقُولُونَ ﴿34﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह ये[5] लोग निश्चय कहते हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ये लोग बड़ी दृढ़तापूर्वक कहते है,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये (कुफ्फ़ारे मक्का) (मुसलमानों से) कहते हैं

إِنْ هِىَ إِلَّا مَوْتَتُنَا ٱلْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنشَرِينَ ﴿35﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

कि हमारी इस पहली मृत्यु के सिवा कोई (मृत्यु) नहीं, और न हम कभी दोबारा उठाए जाएँगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"बस यह हमारी पहली मृत्यु ही है, हम दोबारा उठाए जानेवाले नहीं हैं

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि हमें तो सिर्फ एक बार मरना है और फिर हम दोबारा (ज़िन्दा करके) उठाए न जाएँगे

فَأْتُوا۟ بِـَٔابَآئِنَآ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ ﴿36﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तो तुम हमारे बाप-दादा को ले आओ, यदि तुम सच्चे हो?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तो ले आओ हमारे बाप-दादा को, यदि तुम सच्चे हो!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो अगर तुम सच्चे हो तो हमारे बाप दादाओं को (ज़िन्दा करके) ले आओ

أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍۢ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَٰهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ مُجْرِمِينَ ﴿37﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति[6] तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या वे अच्छे है या तुब्बा की क़ौम या वे लोग जो उनसे पहले गुज़र चुके है? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया, निश्चय ही वे अपराधी थे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

भला ये लोग (क़ूवत में) अच्छे हैं या तुब्बा की क़ौम और वह लोग जो उनसे पहले हो चुके हमने उन सबको हलाक कर दिया (क्योंकि) वह ज़रूर गुनाहगार थे

وَمَا خَلَقْنَا ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا لَٰعِبِينَ ﴿38﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है, खेलते हुए नहीं बनाया है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है उन्हें खेल नहीं बनाया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने सारे आसमान व ज़मीन और जो चीज़े उन दोनों के दरमियान में हैं उनको खेलते हुए नहीं बनाया

مَا خَلَقْنَٰهُمَآ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ ﴿39﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

हमने उन दोनों को सत्य ही के साथ पैदा किया है, किंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमने उन्हें हक़ के साथ पैदा किया, किन्तु उनमें से अधिककर लोग जानते नहीं

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

इन दोनों को हमने बस ठीक (मसलहत से) पैदा किया मगर उनमें के बहुतेरे लोग नहीं जानते

إِنَّ يَوْمَ ٱلْفَصْلِ مِيقَٰتُهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿40﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निश्चय फ़ैसले[7] का दिन उन सब का नियत समय है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही फ़ैसले का दिन उन सबका नियत समय है,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक फ़ैसला (क़यामत) का दिन उन सब (के दोबार ज़िन्दा होने) का मुक़र्रर वक्त है

يَوْمَ لَا يُغْنِى مَوْلًى عَن مَّوْلًۭى شَيْـًۭٔا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ ﴿41﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जिस दिन कोई साथी किसी साथी के कुछ काम न आएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जिस दिन कोई अपना किसी अपने के कुछ काम न आएगा और न कोई सहायता पहुँचेगी,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिस दिन कोई दोस्त किसी दोस्त के कुछ काम न आएगा और न उन की मदद की जाएगी

إِلَّا مَن رَّحِمَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ﴿42﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

किंतु जिसपर अल्लाह ने दया की, निःसंदेह वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

सिवाय उस व्यक्ति के जिसपर अल्लाह दया करे। निश्चय ही वह प्रभुत्वशाली, अत्यन्त दयावान है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

मगर जिन पर ख़ुदा रहम फरमाए बेशक वह (ख़ुदा) सब पर ग़ालिब बड़ा रहम करने वाला है

إِنَّ شَجَرَتَ ٱلزَّقُّومِ ﴿43﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह ज़क़्क़ूम (थूहड़) का वृक्ष।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निस्संदेह ज़क़्क़ूम का वृक्ष

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(आख़ेरत में) थोहड़ का दरख्त

طَعَامُ ٱلْأَثِيمِ ﴿44﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

पापी का भोजन है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

गुनहगार का भोजन होगा,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ज़रूर गुनेहगार का खाना होगा

كَٱلْمُهْلِ يَغْلِى فِى ٱلْبُطُونِ ﴿45﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

पिघले हुए ताँबे (या तलछट) की तरह, पेटों में खौलता है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तेल की तलछट जैसा, वह पेटों में खौलता होगा,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जैसे पिघला हुआ तांबा वह पेटों में इस तरह उबाल खाएगा

كَغَلْىِ ٱلْحَمِيمِ ﴿46﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

गर्म पानी के खौलने की तरह।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जैसे गर्म पानी खौलता है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जैसे खौलता हुआ पानी उबाल खाता है

خُذُوهُ فَٱعْتِلُوهُ إِلَىٰ سَوَآءِ ٱلْجَحِيمِ ﴿47﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

इसे पकड़ो, फिर इसे धधकती आग के बीच तक घसीटकर ले जाओ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"पकड़ो उसे, और भड़कती हुई आग के बीच तक घसीट ले जाओ,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(फरिश्तों को हुक्म होगा) इसको पकड़ो और घसीटते हुए दोज़ख़ के बीचों बीच में ले जाओ

ثُمَّ صُبُّوا۟ فَوْقَ رَأْسِهِۦ مِنْ عَذَابِ ٱلْحَمِيمِ ﴿48﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर खौलते हुए पानी की कुछ यातना उसके सिर पर उँडेल दो।[8]

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर उसके सिर पर खौलते हुए पानी का यातना उंडेल दो!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर उसके सर पर खौलते हुए पानी का अज़ाब डालो फिर उससे ताआनन कहा जाएगा अब मज़ा चखो

ذُقْ إِنَّكَ أَنتَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْكَرِيمُ ﴿49﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

चख, निःसंदेह तू ही वह व्यक्ति है जो बड़ा बलशाली और सम्माननीय है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"मज़ा चख, तू तो बड़ा बलशाली, सज्जन और आदरणीय है!

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक तू तो बड़ा इज्ज़त वाला सरदार है

إِنَّ هَٰذَا مَا كُنتُم بِهِۦ تَمْتَرُونَ ﴿50﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

यही तो है जिसके विषय में तुम संदेह करते थे।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये वही दोज़ख़ तो है जिसमें तुम लोग शक़ किया करते थे

إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى مَقَامٍ أَمِينٍۢ ﴿51﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह परहेज़गार लोग शांति एवं सुरक्षा वाली जगह में होंगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निस्संदेह डर रखनेवाले निश्चिन्तता की जगह होंगे,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक परहेज़गार लोग अमन की जगह

فِى جَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍۢ ﴿52﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

बाग़ों तथा जल स्रोतों में।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

बाग़ों और स्रोतों में

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(यानि) बाग़ों और चश्मों में होंगे

يَلْبَسُونَ مِن سُندُسٍۢ وَإِسْتَبْرَقٍۢ مُّتَقَٰبِلِينَ ﴿53﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे बारीक और गाढ़े रेशम के वस्त्र पहनेंगे, आमने-सामने बैठे होंगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

बारीक और गाढ़े रेशम के वस्त्र पहने हुए, एक-दूसरे के आमने-सामने उपस्थित होंगे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

रेशम की कभी बारीक़ और कभी दबीज़ पोशाकें पहने हुए एक दूसरे के आमने सामने बैठे होंगे

كَذَٰلِكَ وَزَوَّجْنَٰهُم بِحُورٍ عِينٍۢ ﴿54﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

ऐसा ही होगा और हम उनका विवाह गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतों से कर देंगे, जो बड़ी-बड़ी आँखों वाली होंगी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ऐसा ही उनके साथ मामला होगा। और हम साफ़ गोरी, बड़ी नेत्रोवाली स्त्रियों से उनका विवाह कर देंगे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐसा ही होगा और हम बड़ी बड़ी ऑंखों वाली हूरों से उनके जोड़े लगा देंगे

يَدْعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَٰكِهَةٍ ءَامِنِينَ ﴿55﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे उसमें निश्चिंत होकर हर प्रकार के फल मंगवाएँगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे वहाँ निश्चिन्तता के साथ हर प्रकार के स्वादिष्ट फल मँगवाते होंगे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगे

لَا يَذُوقُونَ فِيهَا ٱلْمَوْتَ إِلَّا ٱلْمَوْتَةَ ٱلْأُولَىٰ ۖ وَوَقَىٰهُمْ عَذَابَ ٱلْجَحِيمِ ﴿56﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे उसमें मृत्यु[9] का स्वाद नहीं चखेंगे, परंतु वह मृत्यु जो पहली थी, और वह (अल्लाह) उन्हें दहकती हुई आग के अज़ाब से बचा लेगा।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वहाँ वे मृत्यु का मज़ा कभी न चखेगे। बस पहली मृत्यु जो हुई, सो हुई। और उसने उन्हें भड़कती हुई आग की यातना से बचा लिया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वहाँ पहली दफ़ा की मौत के सिवा उनको मौत की तलख़ी चख़नी ही न पड़ेगी और ख़ुदा उनको दोज़ख़ के अज़ाब से महफूज़ रखेगा

فَضْلًۭا مِّن رَّبِّكَ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ ﴿57﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

आपके पालनहार की ओर से अनुग्रह के कारण। यही बहुत बड़ी सफलता है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

यह सब तुम्हारे रब के विशेष उदार अनुग्रह के कारण होगा, वही बड़ी सफलता है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ये) तुम्हारे परवरदिगार का फज़ल है यही तो बड़ी कामयाबी है

فَإِنَّمَا يَسَّرْنَٰهُ بِلِسَانِكَ لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ ﴿58﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

सो तथ्य यही है कि हमने इसे आपकी भाषा में आसान कर दिया है, ताकि वे नसीहत ग्रहण करें।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमने तो इस (क़ुरआन) को बस तुम्हारी भाषा में सहज एवं सुगम बना दिया है ताकि वे याददिहानी प्राप्त (करें

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो हमने इस क़ुरान को तुम्हारी ज़बान में (इसलिए) आसान कर दिया है ताकि ये लोग नसीहत पकड़ें तो

فَٱرْتَقِبْ إِنَّهُم مُّرْتَقِبُونَ ﴿59﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः आप प्रतीक्षा करें,[10] निःसंदेह वे भी प्रतीक्षा करने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अच्छा तुम भी प्रतीक्षा करो, वे भी प्रतीक्षा में हैं

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(नतीजे के) तुम भी मुन्तज़िर रहो ये लोग भी मुन्तज़िर हैं

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