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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلذَّٰرِيَٰتِ ذَرْوًۭا ﴿1﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

गवाह है (हवाएँ) जो गर्द-ग़ुबार उड़ाती फिरती है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उन (हवाओं की क़सम) जो (बादलों को) उड़ा कर तितर बितर कर देती हैं

فَٱلْحَٰمِلَٰتِ وِقْرًۭا ﴿2﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर बोझ उठाती है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर (पानी का) बोझ उठाती हैं

فَٱلْجَٰرِيَٰتِ يُسْرًۭا ﴿3﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर आसानी से चलने वाली नावों की!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर नरमी से चलती है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर आहिस्ता आहिस्ता चलती हैं

فَٱلْمُقَسِّمَٰتِ أَمْرًا ﴿4﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर मामले को अलग-अलग करती है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर एक ज़रूरी चीज़ (बारिश) को तक़सीम करती हैं

إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌۭ ﴿5﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।[1]

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही तुमसे जिस चीज़ का वादा किया जाता है, वह सत्य है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि तुम से जो वायदा किया जाता है ज़रूर बिल्कुल सच्चा है

وَإِنَّ ٱلدِّينَ لَوَٰقِعٌۭ ﴿6﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा निःसंदेह हिसाब अनिवार्य रूप से घटित होने वाला है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और (कर्मों का) बदला अवश्य सामने आकर रहेगा

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (आमाल की) जज़ा (सज़ा) ज़रूर होगी

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْحُبُكِ ﴿7﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क़सम है रास्तों वाले आकाश की!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

गवाह है धारियोंवाला आकाश।

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और आसमान की क़सम जिसमें रहते हैं

إِنَّكُمْ لَفِى قَوْلٍۢ مُّخْتَلِفٍۢ ﴿8﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात[2] में पड़े हो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही तुम उस बात में पड़े हुए हो जिनमें कथन भिन्न-भिन्न है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि (ऐ अहले मक्का) तुम लोग एक ऐसी मुख्तलिफ़ बेजोड़ बात में पड़े हो

يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ ﴿9﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उससे वही फेरा जाता है, जो (अल्लाह के ज्ञान में) फेर दिया गया है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

इसमें कोई सरफिरा ही विमुख होता है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)

قُتِلَ ٱلْخَرَّٰصُونَ ﴿10﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अटकल लगाने वाले मारे गए।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

मारे जाएँ अटकल दौड़ानेवाले;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों

ٱلَّذِينَ هُمْ فِى غَمْرَةٍۢ سَاهُونَ ﴿11﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जो बड़ी ग़फ़लत में भूले हुए हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जो ग़फ़लत में पड़े हुए हैं भूले हुए

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि जज़ा का दिन कब होगा

يَسْـَٔلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلدِّينِ ﴿12﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे पूछते[3] हैं कि बदले का दिन कब है?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

पूछते है, "बदले का दिन कब आएगा?"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उस दिन (होगा)

يَوْمَ هُمْ عَلَى ٱلنَّارِ يُفْتَنُونَ ﴿13﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जब इनको (जहन्नुम की) आग में अज़ाब दिया जाएगा

ذُوقُوا۟ فِتْنَتَكُمْ هَٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تَسْتَعْجِلُونَ ﴿14﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अपने फ़ितने (यातना) का मज़ा चखो, यही है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"चखों मज़ा. अपने फ़ितने (उपद्रव) का! यहीं है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और उनसे कहा जाएगा) अपने अज़ाब का मज़ा चखो ये वही है जिसकी तुम जल्दी मचाया करते थे

إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى جَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍ ﴿15﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह परहेज़गार लोग बाग़ों और जल स्रोतों में होंगे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही डर रखनेवाले बाग़ों और स्रोतों में होंगे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और चश्मों में (ऐश करते) होगें

ءَاخِذِينَ مَآ ءَاتَىٰهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ ﴿16﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जो कुछ उनका रब उन्हें देगा, उसे वे लेने वाले होंगे। निश्चय ही वे इससे पहले नेकी करने वाले थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जो कुछ उनके रब ने उन्हें दिया, वे उसे ले रहे होंगे। निस्संदेह वे इससे पहले उत्तमकारों में से थे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो उनका परवरदिगार उन्हें अता करता है ये (ख़ुश ख़ुश) ले रहे हैं ये लोग इससे पहले (दुनिया में) नेको कार थे

كَانُوا۟ قَلِيلًۭا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ ﴿17﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वे रात के बहुत थोड़े भाग में सोते थे।[4]

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

रातों को थोड़ा ही सोते थे,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(इबादत की वजह से) रात को बहुत ही कम सोते थे

وَبِٱلْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ ﴿18﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा रात्रि की अंतिम घड़ियों[5] में वे क्षमा याचना करते थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और वही प्रातः की घड़ियों में क्षमा की प्रार्थना करते थे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और पिछले पहर को अपनी मग़फ़िरत की दुआएं करते थे

وَفِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّۭ لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ ﴿19﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और उनके धनों में माँगने वाले तथा वंचित[6] के लिए एक हक़ (हिस्सा) था।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और उनके मालों में माँगनेवाले और धनहीन का हक़ था

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनके माल में माँगने वाले और न माँगने वाले (दोनों) का हिस्सा था

وَفِى ٱلْأَرْضِ ءَايَٰتٌۭ لِّلْمُوقِنِينَ ﴿20﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा धरती में विश्वास करने वालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और धरती में विश्वास करनेवालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ है,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और यक़ीन करने वालों के लिए ज़मीन में (क़ुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं

وَفِىٓ أَنفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ ﴿21﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा स्वयं तुम्हारे भीतर (भी)। तो क्या तुम नहीं देखते?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और ,स्वयं तुम्हारे अपने आप में भी। तो क्या तुम देखते नहीं?

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ख़ुदा तुम में भी हैं तो क्या तुम देखते नहीं

وَفِى ٱلسَّمَآءِ رِزْقُكُمْ وَمَا تُوعَدُونَ ﴿22﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और आकाश ही में तुम्हारी रोज़ी[7] है तथा वह भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और आकाश मे ही तुम्हारी रोज़ी है और वह चीज़ भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और तुम्हारी रोज़ी और जिस चीज़ का तुमसे वायदा किया जाता है आसमान में है

فَوَرَبِّ ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِنَّهُۥ لَحَقٌّۭ مِّثْلَ مَآ أَنَّكُمْ تَنطِقُونَ ﴿23﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

सो क़सम है आकाश एवं धरती के पालनहार की! निःसंदेह यह बात निश्चित रूप से सत्य है, इस बात की तरह कि निःसंदेह तुम बोलते हो।[8]

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अतः सौगन्ध है आकाश और धरती के रब की। निश्चय ही वह सत्य बात है ऐसे ही जैसे तुम बोलते हो

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो आसमान व ज़मीन के मालिक की क़सम ये (क़ुरान) बिल्कुल ठीक है जिस तरह तुम बातें करते हो

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ضَيْفِ إِبْرَٰهِيمَ ٱلْمُكْرَمِينَ ﴿24﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क्या आपके पास इबराहीम के सम्मानित अतिथियों की सूचना आई है?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या इबराईम के प्रतिष्ठित अतिथियों का वृतान्त तुम तक पहँचा?

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या तुम्हारे पास इबराहीम के मुअज़िज़ मेहमानो (फ़रिश्तों) की भी ख़बर पहुँची है कि जब वह लोग उनके पास आए

إِذْ دَخَلُوا۟ عَلَيْهِ فَقَالُوا۟ سَلَٰمًۭا ۖ قَالَ سَلَٰمٌۭ قَوْمٌۭ مُّنكَرُونَ ﴿25﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जब वे उसके पास आए, तो उन्होंने सलाम कहा। उसने कहा : सलाम हो। कुछ अपरिचित लोग हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जब वे उसके पास आए तो कहा, "सलाम है तुमपर!" उसने भी कहा, "सलाम है आप लोगों पर भी!" (और जी में कहा) "ये तो अपरिचित लोग हैं।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो कहने लगे (सलामुन अलैकुम) तो इबराहीम ने भी (अलैकुम) सलाम किया (देखा तो) ऐसे लोग जिनसे न जान न पहचान

فَرَاغَ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ فَجَآءَ بِعِجْلٍۢ سَمِينٍۢ ﴿26﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर वह चुपके से अपने घरवालों के पास गया। फिर एक मोटा-ताज़ा (भुना हुआ) बछड़ा ले आया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर वह चुपके से अपने घरवालों के पास गया और एक मोटा-ताज़ा बछड़ा (का भूना हुआ मांस) ले आया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर अपने घर जाकर जल्दी से (भुना हुआ) एक मोटा ताज़ा बछड़ा ले आए

فَقَرَّبَهُۥٓ إِلَيْهِمْ قَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ ﴿27﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर उसे उनके सामने रख दिया। कहा : क्या तुम नहीं खाते?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और उसे उनके सामने पेश किया। कहा, "क्या आप खाते नहीं?"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उसे उनके आगे रख दिया (फिर) कहने लगे आप लोग तनाउल क्यों नहीं करते

فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةًۭ ۖ قَالُوا۟ لَا تَخَفْ ۖ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَٰمٍ عَلِيمٍۢ ﴿28﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तो उसने उनसे दिल में डर महसूस किया। उन्होंने कहा : डरो नहीं। और उन्होंने उसे एक बहुत ही ज्ञानी पुत्र की शुभ-सूचना दी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर उसने दिल में उनसे डर महसूस किया। उन्होंने कहा, "डरिए नहीं।" और उन्होंने उसे एक ज्ञानवान लड़के की मंगल-सूचना दी

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(इस पर भी न खाया) तो इबराहीम उनसे जो ही जी में डरे वह लोग बोले आप अन्देशा न करें और उनको एक दानिशमन्द लड़के की ख़ुशख़बरी दी

فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍۢ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌۭ ﴿29﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

यह सुनकर उसकी पत्नी चिल्लाती हुई आगे आई, तो उसने अपना चेहरा पीट लिया और बोली : बूढ़ी बाँझ!

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

इसपर उसकी स्त्री (चकित होकर) आगे बढ़ी और उसने अपना मुँह पीट लिया और कहने लगी, "एक बूढ़ी बाँझ (के यहाँ बच्चा पैदा होगा)!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो (ये सुनते ही) इबराहीम की बीवी (सारा) चिल्लाती हुई उनके सामने आयीं और अपना मुँह पीट लिया कहने लगीं (ऐ है) एक तो (मैं) बुढ़िया (उस पर) बांझ

قَالُوا۟ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ ۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْعَلِيمُ ﴿30﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उन्होंने कहा : तेरे पालनहार ने ऐसे ही फरमाया है। निश्चय वही पूर्ण हिकमत वाला, अत्यंत ज्ञानी है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उन्होंने कहा, "ऐसी ही तेरे रब ने कहा है। निश्चय ही वह बड़ा तत्वदर्शी, ज्ञानवान है।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

लड़का क्यों कर होगा फ़रिश्ते बोले तुम्हारे परवरदिगार ने यूँ ही फरमाया है वह बेशक हिकमत वाला वाक़िफ़कार है

۞ قَالَ فَمَا خَطْبُكُمْ أَيُّهَا ٱلْمُرْسَلُونَ ﴿31﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उसने कहा : ऐ भेजे हुए (दूतो!) तुम्हारा अभियान क्या है?

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उसने कहा, "ऐ (अल्लाह के भेजे हुए) दूतों, तुम्हारे सामने क्या मुहिम है?"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तब इबराहीम ने पूछा कि (ऐ ख़ुदा के) भेजे हुए फरिश्तों आख़िर तुम्हें क्या मुहिम दर पेश है

قَالُوٓا۟ إِنَّآ أُرْسِلْنَآ إِلَىٰ قَوْمٍۢ مُّجْرِمِينَ ﴿32﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

उन्होंने कहा : निःसंदेह हम कुछ अपराधी लोगों की ओर भेजे गए हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उन्होंने कहा, "हम एक अपराधी क़ौम की ओर भेजे गए है;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वह बोले हम तो गुनाहगारों (क़ौमे लूत) की तरफ भेजे गए हैं

لِنُرْسِلَ عَلَيْهِمْ حِجَارَةًۭ مِّن طِينٍۢ ﴿33﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

ताकि हम उनपर मिट्टी के पत्थर बरसाएँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

"ताकि उनके ऊपर मिट्टी के पत्थर (कंकड़) बरसाएँ,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ताकि उन पर मिटटी के पथरीले खरन्जे बरसाएँ

مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَ لِلْمُسْرِفِينَ ﴿34﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

जो तुम्हारे पालनहार के पास से सीमा से आगे बढ़ने वालों के लिए चिह्नित[9] हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जो आपके रब के यहाँ सीमा का अतिक्रमण करनेवालों के लिए चिन्हित है।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिन पर हद से बढ़ जाने वालों के लिए तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से निशान लगा दिए गए हैं

فَأَخْرَجْنَا مَن كَانَ فِيهَا مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿35﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर हमने उस (बस्ती) में जो भी ईमानवाले थे उन्हें निकाल लिया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर वहाँ जो ईमानवाले थे, उन्हें हमने निकाल लिया;

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ग़रज़ वहाँ जितने लोग मोमिनीन थे उनको हमने निकाल दिया

فَمَا وَجَدْنَا فِيهَا غَيْرَ بَيْتٍۢ مِّنَ ٱلْمُسْلِمِينَ ﴿36﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तो हमने उसमें मुसलमानों के एक घर[10] के सिवा कोई और नहीं पाया।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

किन्तु हमने वहाँ एक घर के अतिरिक्त मुसलमानों (आज्ञाकारियों) का और कोई घर न पाया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और वहाँ तो हमने एक के सिवा मुसलमानों का कोई घर पाया भी नहीं

وَتَرَكْنَا فِيهَآ ءَايَةًۭ لِّلَّذِينَ يَخَافُونَ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ ﴿37﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा हमने उसमें उन लोगों के लिए एक निशानी छोड़ दी, जो दुःखदायी यातना से डरते हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

इसके पश्चात हमने वहाँ उन लोगों के लिए एक निशानी छोड़ दी, जो दुखद यातना से डरते है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जो लोग दर्दनाक अज़ाब से डरते हैं उनके लिए वहाँ (इबरत की) निशानी छोड़ दी और मूसा (के हाल) में भी (निशानी है)

وَفِى مُوسَىٰٓ إِذْ أَرْسَلْنَٰهُ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ بِسُلْطَٰنٍۢ مُّبِينٍۢ ﴿38﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा मूसा (की कहानी) में (भी एक निशानी है), जब हमने उसे फ़िरऔन की ओर एक स्पष्ट प्रमाण देकर भेजा।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और मूसा के वृतान्त में भी (निशानी है) जब हमने फ़िरऔन के पास के स्पष्ट प्रमाण के साथ भेजा,

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जब हमने उनको फिरऔन के पास खुला हुआ मौजिज़ा देकर भेजा

فَتَوَلَّىٰ بِرُكْنِهِۦ وَقَالَ سَٰحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌۭ ﴿39﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तो उसने अपनी शक्ति के कारण मुँह फेर लिया और उसने कहा : यह जादूगर है, या पागल।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

किन्तु उसने अपनी शक्ति के कारण मुँह फेर लिया और कहा, "जादूगर है या दीवाना।"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो उसने अपने लशकर के बिरते पर मुँह मोड़ लिया और कहने लगा ये तो (अच्छा ख़ासा) जादूगर या सौदाई है

فَأَخَذْنَٰهُ وَجُنُودَهُۥ فَنَبَذْنَٰهُمْ فِى ٱلْيَمِّ وَهُوَ مُلِيمٌۭ ﴿40﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अंततः हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया, फिर उन्हें समुद्र में फेंक दिया, जबकि वह एक निंदनीय काम करने वाला था।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अन्ततः हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया और उन्हें गहरे पानी में फेंक दिया, इस दशा में कि वह निन्दनीय था

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो हमने उसको और उसके लशकर को ले डाला फिर उन सबको दरिया में पटक दिया

وَفِى عَادٍ إِذْ أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمُ ٱلرِّيحَ ٱلْعَقِيمَ ﴿41﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा आद में, जब हमने उनपर बाँझ[11] हवा भेजी दी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और आद में भी (तुम्हारे लिए निशानी है) जबकि हमने उनपर अशुभ वायु चला दी

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और वह तो क़ाबिले मलामत काम करता ही था और आद की क़ौम (के हाल) में भी निशानी है हमने उन पर एक बे बरकत ऑंधी चलायी

مَا تَذَرُ مِن شَىْءٍ أَتَتْ عَلَيْهِ إِلَّا جَعَلَتْهُ كَٱلرَّمِيمِ ﴿42﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

वह जिस चीज़ पर से भी गुज़रती, उसे सड़ी हुई हड्डी की तरह कर देती थी।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह जिस चीज़ पर से गुज़री उसे उसने जीर्ण-शीर्ण करके रख दिया

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि जिस चीज़ पर चलती उसको बोसीदा हडडी की तरह रेज़ा रेज़ा किए बग़ैर न छोड़ती

وَفِى ثَمُودَ إِذْ قِيلَ لَهُمْ تَمَتَّعُوا۟ حَتَّىٰ حِينٍۢ ﴿43﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा समूद में, जब उनसे कहा गया कि एक समय तक के लिए लाभ उठा लो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और समुद्र में भी (तुम्हारे लिए निशानी है) जबकि उनसे कहा गया, "एक समय तक मज़े कर लो!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और समूद (के हाल) में भी (क़ुदरत की निशानी) है जब उससे कहा गया कि एक ख़ास वक्त तक ख़ूब चैन कर लो

فَعَتَوْا۟ عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ فَأَخَذَتْهُمُ ٱلصَّٰعِقَةُ وَهُمْ يَنظُرُونَ ﴿44﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर उन्होंने अपने पालनहार के आदेश की अवज्ञा की, तो उन्हें कड़क ने पकड़ लिया और वे देख रहे थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

किन्तु उन्होंने अपने रब के आदेश की अवहेलना की; फिर कड़क ने उन्हें आ लिया और वे देखते रहे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो उन्होने अपने परवरदिगार के हुक्म से सरकशी की तो उन्हें एक रोज़ कड़क और बिजली ने ले डाला और देखते ही रह गए

فَمَا ٱسْتَطَٰعُوا۟ مِن قِيَامٍۢ وَمَا كَانُوا۟ مُنتَصِرِينَ ﴿45﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

फिर उनमें न तो खड़े होने की शक्ति थी और न ही वे प्रतिकार करने वाले थे।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर वे न खड़े ही हो सके और न अपना बचाव ही कर सके

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर न वह उठने की ताक़त रखते थे और न बदला ही ले सकते थे

وَقَوْمَ نُوحٍۢ مِّن قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَوْمًۭا فَٰسِقِينَ ﴿46﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा इससे पहले नूह़ की जाति को (विनष्ट कर दिया)। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे।[12]

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और इससे पहले नूह की क़ौम को भी पकड़ा। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (उनसे) पहले (हम) नूह की क़ौम को (हलाक कर चुके थे) बेशक वह बदकार लोग थे

وَٱلسَّمَآءَ بَنَيْنَٰهَا بِأَيْي۟دٍۢ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ ﴿47﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा आकाश को हमने शक्ति के साथ बनाया और निःसंदेह हम निश्चय विस्तार करने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

आकाश को हमने अपने हाथ के बल से बनाया और हम बड़ी समाई रखनेवाले है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने आसमानों को अपने बल बूते से बनाया और बेशक हममें सब क़ुदरत है

وَٱلْأَرْضَ فَرَشْنَٰهَا فَنِعْمَ ٱلْمَٰهِدُونَ ﴿48﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा धरती को हमने बिछा दिया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और धरती को हमने बिछाया, तो हम क्या ही ख़ूब बिछानेवाले है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ज़मीन को भी हम ही ने बिछाया तो हम कैसे अच्छे बिछाने वाले हैं

وَمِن كُلِّ شَىْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ ﴿49﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा हमने हर चीज़ के दो प्रकार बनाए, ताकि तुम नसीहत ग्रहण करो।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और हमने हर चीज़ के जोड़े बनाए, ताकि तुम ध्यान दो

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हम ही ने हर चीज़ की दो दो क़िस्में बनायीं ताकि तुम लोग नसीहत हासिल करो

فَفِرُّوٓا۟ إِلَى ٱللَّهِ ۖ إِنِّى لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌۭ مُّبِينٌۭ ﴿50﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः अल्लाह की ओर दौड़ो। निश्चय ही मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अतः अल्लाह की ओर दौड़ो। मैं उसकी ओर से तुम्हारे लिए एक प्रत्यक्ष सावधान करनेवाला हूँ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ

وَلَا تَجْعَلُوا۟ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ ۖ إِنِّى لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌۭ مُّبِينٌۭ ﴿51﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य मत बनाओ। निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से खुला डराने वाला हूँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य-प्रभु न ठहराओ। मैं उसकी ओर से तुम्हारे लिए एक प्रत्यक्ष सावधान करनेवाला हूँ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ख़ुदा के साथ दूसरा माबूद न बनाओ मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ

كَذَٰلِكَ مَآ أَتَى ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِم مِّن رَّسُولٍ إِلَّا قَالُوا۟ سَاحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ ﴿52﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

इसी प्रकार, उन लोगों के पास जो इनसे पहले थे, जब भी कोई रसूल आया, तो उन्होंने कहा : यह जादूगर है, या पागल।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

इसी तरह उन लोगों के पास भी, जो उनसे पहले गुज़र चुके है, जो भी रसूल आया तो उन्होंने बस यही कहा, "जादूगर है या दीवाना!"

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

इसी तरह उनसे पहले लोगों के पास जो पैग़म्बर आता तो वह उसको जादूगर कहते या सिड़ी दीवाना (बताते)

أَتَوَاصَوْا۟ بِهِۦ ۚ بَلْ هُمْ قَوْمٌۭ طَاغُونَ ﴿53﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

क्या उन्होंने एक-दूसरे को इस (बात) की वसीयत[13] की है? बल्कि वे (स्वयं ही) सरकश लोग हैं।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या उन्होंने एक-दूसरे को इसकी वसीयत कर रखी है? नहीं, बल्कि वे है ही सरकश लोग

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये लोग एक दूसरे को ऐसी बात की वसीयत करते आते हैं (नहीं) बल्कि ये लोग हैं ही सरकश

فَتَوَلَّ عَنْهُمْ فَمَآ أَنتَ بِمَلُومٍۢ ﴿54﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः आप उनसे मुँह फेर लें। क्योंकि आपपर कोई दोष नहीं है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अतः उनसे मुँह फेर लो अब तुमपर कोई मलामत नहीं

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो (ऐ रसूल) तुम इनसे मुँह फेर लो तुम पर तो कुछ इल्ज़ाम नहीं है

وَذَكِّرْ فَإِنَّ ٱلذِّكْرَىٰ تَنفَعُ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿55﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

तथा आप नसीहत करें। क्योंकि निश्चय नसीहत ईमानवालों को लाभ देताी है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और याद दिलाते रहो, क्योंकि याद दिलाना ईमानवालों को लाभ पहुँचाता है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और नसीहत किए जाओ क्योंकि नसीहत मोमिनीन को फायदा देती है

وَمَا خَلَقْتُ ٱلْجِنَّ وَٱلْإِنسَ إِلَّا لِيَعْبُدُونِ ﴿56﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

और मैंने जिन्नों तथा मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी इबादत करें।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

मैंने तो जिन्नों और मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी बन्दगी करे

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और मैने जिनों और आदमियों को इसी ग़रज़ से पैदा किया कि वह मेरी इबादत करें

مَآ أُرِيدُ مِنْهُم مِّن رِّزْقٍۢ وَمَآ أُرِيدُ أَن يُطْعِمُونِ ﴿57﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

न तो मैं उनसे रोज़ी का तालिब हूँ और न ये चाहता हूँ कि मुझे खाना खिलाएँ

إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلرَّزَّاقُ ذُو ٱلْقُوَّةِ ٱلْمَتِينُ ﴿58﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

निःसंदेह अल्लाह ही बहुत रोज़ी देनेवाला, बड़ा शक्तिशाली, अत्यंत मज़बूत है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही अल्लाह ही है रोज़ी देनेवाला, शक्तिशाली, दृढ़

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ख़ुदा ख़ुद बड़ा रोज़ी देने वाला ज़ोरावर (और) ज़बरदस्त है

فَإِنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ ذَنُوبًۭا مِّثْلَ ذَنُوبِ أَصْحَٰبِهِمْ فَلَا يَسْتَعْجِلُونِ ﴿59﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उनके साथियों के हिस्से की तरह (यातना का) एक हिस्सा है। सो वे मुझसे जल्दी न मचाएँ।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अतः जिन लोगों ने ज़ुल्म किया है उनके लिए एक नियत पैमाना है; जैसा उनके साथियों का नियत पैमाना था। अतः वे मुझसे जल्दी न मचाएँ!

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो (इन) ज़ालिमों के वास्ते भी अज़ाब का कुछ हिस्सा है जिस तरह उनके साथियों के लिए हिस्सा था तो इनको हम से जल्दी न करनी चाहिए

فَوَيْلٌۭ لِّلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِن يَوْمِهِمُ ٱلَّذِى يُوعَدُونَ ﴿60﴾

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

अतः इनकार करने वालों के लिए उनके उस दिन[14] से बड़ा विनाश है, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है।

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अतः इनकार करनेवालों के लिए बड़ी खराबी है, उनके उस दिन के कारण जिसकी उन्हें धमकी दी जा रही है

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो जिस दिन का इन काफ़िरों से वायदा किया जाता है इससे इनके लिए ख़राबी है

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