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हिन्दी · Surah 102At-Takathur — Hindi Translation
Rivalry in World Increase · 8 verses · Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed.
At-Takathur · फ़ारूक़ ख़ान & अहमदVerse 1 of 8
Verses of At-Takathur
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَلْهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ ﴿1﴾
तुम्हें एक-दूसरे के मुक़ाबले में बहुतायत के प्रदर्शन और घमंड ने ग़फ़़लत में डाल रखा है,
حَتَّىٰ زُرْتُمُ ٱلْمَقَابِرَ ﴿2﴾
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तानों में पहुँच गए
كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴿3﴾
कुछ नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे
ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴿4﴾
फिर, कुछ नहीं, तुम्हें शीघ्र ही मालूम हो जाएगा -
كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ ٱلْيَقِينِ ﴿5﴾
कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) -
لَتَرَوُنَّ ٱلْجَحِيمَ ﴿6﴾
अवश्य ही तुम भड़कती आग से दो-चार होगे
ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ ٱلْيَقِينِ ﴿7﴾
फिर सुनो, उसे अवश्य देखोगे इस दशा में कि वह यथावत विश्वास होगा
ثُمَّ لَتُسْـَٔلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ ﴿8﴾
फिर निश्चय ही उस दिन तुमसे नेमतों के बारे में पूछा जाएगा
At-Takathur in other Hindi translations
Source: AlQuran Cloud. Translation text is shown without rewriting.