මුස්ලිම්වරයෙකු තම දියණිය යුදෙව්වෙකුට හෝ කිතුනුවකුට විවාහ කර නොදෙන්නේ ඇයි?
एक मुसलमान पति अपनी ईसाई या यहूदी पत्नी के मौलिक धर्म, उसकी धार्मिक पुस्तक एवं उसके रसूल का सम्मान करता है। बल्कि उसका ईमान इसके बग़ैर पूरा ही नहीं होता है। वह उसे अपने धर्म को मानने की स...