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Prophethood and seerah

Questions in the guide about Prophet Muhammad, revelation, prophethood and seerah.

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Prophethood and seerah

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- कौन हैं और उनके संदेश की सच्चाई का क्या प्रमाण है?

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुल मुत्तलिबब बिन हाशिम, अरब के क़बीला क़ुरैश से हैं, जो मक्का में रहता था। आप इस्माईल बिन इब्राहीम -उन दोनों पर अल्लाह की शां...

Prophethood and seerah

यह कैसे संभव हुआ कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक ही रात में यरुशलम गए, फिर आसमानों की सैर की और उसी रात वापस भी आ गए?

मानव प्रौद्योगिकी ने एक ही क्षण में दुनिया के सभी हिस्सों में मानव आवाज और छवियों को पहुँचा दिया, तो क्या 1400 साल से अधिक पहले मानव जाति के सृष्टिकर्ता के लिए आत्मा और शरीर के साथ अपने प...

Prophethood and seerah

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आयशा से शादी क्यों की, जबकि वह छोटी उमर की थीं?

हम सहीह बुख़ारी (जो हदीस की सबसे प्रामाणिक पुस्तक है) में रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के लिए आयशा -अल्लाह उनसे राज़ी हो- की गहरी मुहब्बत की बात पाते हैं और देखते हैं कि उन्होंने इस शा...

Prophethood and seerah

http://muslimvilla.smfforfree.com/index.php...https://liguopedia.wordpress.com/.../19/agnes-de-france/...

बनू कुरैज़ा के यहूदियों ने वचन तोड़ा था और मुसलमानों को ख़त्म करने के लिए बहुदेववादियों का साथ दिया था। चुनांचे उनके इस षडयंत्र ने उन्हीं को नष्ट कर दिया, जब उनको धोखे एवं वचन तोड़ने का प...

Prophethood and seerah

जब धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं है, तो अल्लाह क्यों कहता है कि जो अल्लाह को नहीं मानते, उनसे लड़ाई करो?

पहली आयत : ''धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं है। सत्य असत्य से स्पष्ट हो चुका है।'' [154] यह आयत एक महान इस्लामी नियम को स्थापित करती है। वह नियम यह है कि धर्म के मामले में ज़ोर-ज़बरदस्ती नही...

Prophethood and seerah

इस्लाम में, इस्लाम छोड़ देने वाले की हत्या क्यों की जाती है?

ईमान बन्दा एवं उसके रब के बीच के रिश्ते को कहते हैं। जिसने उसे काटना चाहा, उसका मामला अल्लाह के हवाले है। मगर जो इसका एलान करना चाहता है और इसे इस्लाम से लड़ने, उसके चेहरे को बिगाड़ने या...

Prophethood and seerah

ईसा -अलैहिस्सलाम- ने अपने शत्रुओं से लड़ाई नहीं की, तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने क्यों की?

पैगंबर मूसा एक योद्ध थे और दाऊद भी एक योद्धा थे। मूसा और मुहम्मद ने, उन दोनों पर अल्लाह की शांति हो, राजनीतिक और सांसारिक मामलों की बागडोर संभाली और दोनों ने बुतपरस्त समुदाय से हिजरत की।...

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जिहाद क्या है?

जिहाद का अर्थ है : गुनाहों से बचने के लिए अपनी आत्मा से लड़ना। गर्भावस्था का दर्द सहने के लिए गर्भावस्था में मां का संघर्ष भी जिहाद है। एक छात्र का पढ़ाई में मेहनत करना भी जिहाद है। अपने...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम आत्मघाती हमलों की अनुमति देता है और उनके बदले में जन्नत में हूर मिलने की बात करता है?

यह अतार्किक है कि जीवन देने वाला, जिसे जीवन दिया गया है, उसे आदेश दे कि वह अपना या किसी निर्दोष का जीवन बिना किसी अपराध के ले ले। वह तो कहता है : ''अपने आपकी हत्या मत करो।'' [166] इसके अल...

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क्या इस्लाम तलवार के ज़ोर से फैला है?

शब्द सैफ़ (तलवार) पवित्र क़ुरआन में एक बार भी नहीं आया है। वो देश जहाँ इस्लामी इतिहास ने जंगें नहीं देखीं, वहीं आज दुनिया के अधिकांश मुसलमान रहते हैं। उदाहरण के तौर पर इंडोनेशिया, भारत और...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम में पुरोहित (जिन्हें पवित्र समझा जाए कि उनसे गलती नहीं हो सकती) एवं नेक लोग पाए जाते हैं और क्या मुसलमान पैगंबर मुहम्मद के साथियों को पवित्र मानते हैं (इस हद तक कि उनको मध्यस्थ बना लें)?

मुसलमान नेक लोगों और रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथियों के मार्ग पर चलते हैं, उनसे मुहब्बत करते हैं, उन्हीं ही तरह नेक बनने की कोशिश करते हैं और उन लोगों की तरह ही एक अल्लाह की इब...

Prophethood and seerah

शिया और सुन्नी में क्या अंतर है?

मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- न सुन्नी थे और न शिया। आप शुद्ध मुस्लिम थे। इसी तरह ईसा -अलैहिस्सलाम- न कैथोलिक थे और न और कुछ। दोनों बिना मध्यस्थ के एक अल्लाह के बन्दे थे। ईसा ने स्वय...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम में इमाम, ईसाई धर्म में पादरी की तरह है?

इमाम का अर्थ वह व्यक्ति है, जो लोगों को नमाज़ पढ़ाए, उनकी देख-भाल करे या उनका नेतृत्व करे। यह कुछ खास लोगों तक सीमित धार्मिक पद नहीं है। इस्लाम में कोई जातिवाद या पुरोहितवाद नहीं है। इस्ल...

Prophethood and seerah

नबी एवं रसूल में क्या अंतर है?

नबी वह है जिसकी ओर वह्य (प्रकाशन) भेजी जाती है, परन्तु वह कोई नया संदेश या कार्यप्रणाली लेकर नहीं आता, जबकि रसूल वह है जिसे अल्लाह, उसके समुदाय के अनुरूप नई कार्यप्रणाली एवं शरीयत देकर भे...

Prophethood and seerah

अल्लाह तआला लोगों की तरफ उन्हीं की तरह इंसान को रसूल बनाकर क्यों भेजता है, फ़रिश्तों को क्यों नहीं भेजता?

मानव के लिए जो उपयुक्त हो सकता है, वह उन्हीं की तरह मानव ही हो सकता है, जो उन्हीं की भाषा में उनसे बात करे और उनके लिए आदर्श हो। यदि उनकी ओर किसी फ़रिश्ते को रसूल बनाकर भेज जाता और वह कोई...

Prophethood and seerah

मूल पाप के बारे में इस्लाम की क्या राय है?

मानव पिता आदम -अलैहिस्सलाम- के वर्जित पेड़ से खा लेने के कारण, उनकी तौबा स्वीकार करने के समय अल्लाह ने जो मानव को पाठ पढ़ाया, वह सारे संसारों के रब के द्वारा मानव को क्षमा करने का पहला उद...

Prophethood and seerah

ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने के संबंध में इस्लाम की क्या राय है?

अल्लाह जो सारे संसार का सृष्टिकर्ता है, ज़िन्दा तथा नित्य स्थायी है। बेनियाज़ एवं सक्षम है। उसे मानवता के लिए मसीह का रूप धारण करके सूली पर चढ़कर जान देने की आवश्यकता नहीं है, जैसा कि ईसा...