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इस्लाम - प्रश्न एवं उत्तर के माध्यम से

इस पुस्तक का उद्देश्य है, इस्लाम धर्म के बारे प्रचलित प्रश्नों के उत्तर के माध्मय से इस महान धर्म का लोगों से परिचय कराना; सदियों से विभिन्न सभ्यताओं तथा जातियों को समायोजित करने, घटनाओं...

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Faith and belief

क्या इंसान पर किसी पूज्य पर ईमान रखना अनिवार्य है?

इंसान किसी पूज्य पर ईमान ज़रूर रखता है। चाहे वह ईमान किसी सच्चे माबूद पर रखे या किसी असत्य पूज्य पर। फिर वह उसे पूज्य कहे या कुछ और। उनका यह पूज्य कोई पेड़ भी हो सकता है। आकाश का कोई तारा...

Faith and belief

सच्चा माबूद (पूज्य) कौन है?

सच्चा पूज्य वही है, जिसने इस ब्रह्मांड को पैदा किया है और असत्य पूज्यों की इबादत इस दावे पर आधारित है कि वे पू्जय हैं। जबकि पूज्य के लिए सृष्टिकर्ता होना अनिवार्य है। फिर उसके सृष्टिकर्ता...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता के गुण क्या हैं और क्यों उसकी ओर इशारा किया जाता है कि वही अल्लाह है?

मध्य पूर्व में ईसाई, यहूदी एवं मुसलमान शब्द "अल्लाह" का प्रयोग पूज्य को बताने के लिए करते हैं। इसका अर्थ होता है एक सत्य पूज्य, जो मूसा एवं ईसा का भी पूज्य है। सृष्टिकर्ता ने पवित्र क़ुरआ...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता को किसने पैदा किया?

यह प्रश्न सृष्टिकर्ता के बारे में ग़लत धारणा एवं उसे सृष्टि के समरूप समझने के कारण पैदा हुआ है। यह धारणा तार्किक और दार्शनिक दोनों रूप से अस्वीकृत है। उदाहरण स्वरूप :

Faith and belief

सृष्टिकर्ता के अस्तित्व के प्रमाण क्या हैं?

सृष्टिकर्ता पर ईमान इस वास्तविकता पर आधारित है कि चीज़ें बिना कारण के प्रकट नहीं होतीं। आपको बस इतना बता देना काफ़ी है कि विशाल भौतिक ब्रह्मांड और उसमें रहने वाले जीव एक अमूर्त चेतना रखते...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता के अस्तित्व का अनुभव किया जाने वाला प्रमाण क्या है?

हम इंद्रधनुष और मरीचिका देखते हैं, जबकि इनका कोई वजूद नहीं होता। हम गुरुत्वाकर्षण को देखे बिना उसके अस्तित्व को सच मानते हैं, सिर्फ इसलिए कि यह भौतिक विज्ञान द्वारा सिद्ध किया गया है।

Faith and belief

[सूरा अल-कह्फ़ : 109]

उदाहरण के तौर पर, हालाँकि अल्लाह के लिए उच्च उदाहरण है, परन्तु केवल बात समझाने लिए कहा जा सकता है कि जब इंसान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग करता है और उसे बाहर से निर्देशित करता है, तो वह...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता की इबादत में मध्यस्थों को पकड़ना क्यों हमेशा के लिए जहन्नम ले जाने का कारण बनता है?

जैसा कि प्रसिद्ध है कि मानव रचित संविधान में संप्रभुता के अधिकार या बादशाह के अधिकार से छेड़छाड़ करना दूसरे किसी भी अपराध से बढ़कर है। तो बादशाहों के बादशाह के अधिकार के बारे में आपका क्य...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता अपने आपको बहुवचन से क्यों इंगित करता है, जबकि वह एक और केवल एक है?

अल्लाह तआला का पवित्र क़ुरआन की बहुत सारी आयतों में अपने लिए ''हम'' का शब्द प्रयोग करना यह बताता है कि वह एक है, जो सुन्दरता एवं पवित्रता के बहुत सारे गुणों को अपने अंदर समेटे हुए है। इसी...

Faith and belief

अल्लाह ने मानव को कुफ़्र एवं ईमान में से किसी एक को चुनने का विकल्प क्यों दिया है?

''आप कह दें कि यह तुम्हारे पालनहार की ओर से यह सत्य है ।जो चाहे ईमान लाए एवं जो चाहे इनकार कर दे।'' [28] [सूरा अल-कहफ़ : 29]

Faith and belief

अल्लाह ने इन्सान को क्यों पैदा किया, जबकि वह उससे बेनियाज़ है?

जब इन्सान अपने आपको बहुत अधिक मालदार एवं दानशील पाता है, तो वह अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को खाने-पीने के लिए बुलाता है।

Faith and belief

सृष्टिकर्ता ने इन्सान को पैदा होने या न होने का एख़्तियार क्यों नहीं दिया?

यदि अल्लाह सृष्टि को अस्तित्व में आने या न आने का एख़्तियार देता, तो इसके लिए ज़रूरी होता सृष्टि का वजूद पहले से रहा हो। क्योंकि बिना अस्तित्व के मानव की कोई राय ही कैसे हो सकती है? यहाँ...

Faith and belief

धर्म क्या है?

धर्म जीवन व्यतीत करने का तरीक़ा है, जो इंसान के संबंध को उसके सृष्टिकर्ता के साथ एवं उसके आस-पास की चीज़ों के साथ सुनियोजित करता है। धर्म आख़िरत का रास्ता है।

Faith and belief

धर्म की आवश्यकता क्या है?

धर्म की आवश्यकता खाने-पीने की आवश्यकता से भी अधिक है। इंसान स्वाभाविक रूप से धार्मिक है। यदि वह सत्य धर्म को नहीं पा सका, तो अपने लिए कोई न कोई धर्म गढ़ लेगा, जैसा कि मूर्तिपूजा पर आधारित...

Faith and belief

सत्य धर्म की विशेषताएँ क्या हैं?

यह आवश्यक है कि सत्य धर्म इंसान की प्रथम फ़ितरत के अनुसार हो, जिसे बिना किसी मध्यस्थ के अपने सृष्टिकर्ता के साथ सीधे संबंध की आवश्यकता होती है और जो इंसान में सद्गुणों और अच्छे आचरणों का...

Faith and belief

धर्म की छत्रछाया में आचरण के पालन का क्या महत्व है?

जब मानव जाति फ़ना हो जाएगी, जो केवल अल्लाह बाक़ी रह जाएगा, जो हमेशा जीवित रहेगा और जिसे मौत नहीं आनी है। जो व्यक्ति धर्म की छत्रछाया में आचरण के पालन के महत्व को नकारता है, वह उस व्यक्ति...

Faith and belief

क्या धर्म की ओर पलटना विवेक तथा सोचने समझने की शक्ति को निष्क्रिय कर देता है?

अक़्ल की भूमिका चीज़ों को आंकने और उनको प्रमाणित करने की है। अतः इंसान के अस्तित्व के उद्देश्य तक अक़्ल का पहुँच न पाना, उसकी भूमिका का ख़त्म हो जाना नहीं है, बल्कि धर्म को यह अवसर प्रदान...

Faith and belief

मनुष्य के लिए धर्म को प्रायोगिक विज्ञान से बदल लेना क्यों सही नहीं है?

आज (ब्रह्मांड के एक निर्माता के अस्तित्व के) कई खंडनकर्ता मानते हैं कि प्रकाश को समय में सीमित नहीं किया जा सकता है। लेकिन वे इस बात को स्वीकार नहीं करते कि सृष्टिकर्ता समय और स्थान के नि...

Faith and belief

क्या धर्म लोगों के लिए अफीम है?

ब्रह्मांड के निर्माता के अस्तित्व में विश्वास एक प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी है। विश्वास विवेक को सचेत करता है और मोमिन को अपने हर बड़े और छोटे काम के लिए खुद की समीक्षा करने पर उभारता है।...

Faith and belief

सही धर्म की परख कैसे हो?

सही धर्म की परख तीन मुख्य बिंदुओं के आधार पर की जा सकती है [44] : पुस्तक ''ख़ुराफ़तुल इल्हाद'' (नास्तिक्ता का मिथक) का उद्धरित। लेखक : डा० अम्र शरीफ़, प्रकाशन: 2014 ई०।

Faith and belief

[सूरा अल-आराफ़ : 158]

एक चीज़ है, जिस फ़ितरत-ए-सलीमा या मंतिक़-ए-सलीम कहा जाता है। हर वह चीज़ जो फ़ितरत-ए-सलीमा और सही अक़्ल के अनुरूप हो, वह अल्लाह की तरफ से है, जबकि हर जटिल चीज़ मानव की तरफ़ से है।

Faith and belief

कौन-सी चीज़ इस्लाम को सच्चा धर्म बनाती है?

इस्लाम धर्म की शिक्षाएँ लचीली तथा जीवन के सभी पहलुओं को शामिल हैं, इसलिए कि यह इंसानी स्वभाव से जुड़ा हुआ है, जिसपर अल्लाह ने इंसान को पैदा किया है। यह धर्म इस स्वभाव के नियमों के अनुरूप...

Faith and belief

क्या पूर्व रसूलों पर ईमान इस्लामी अक़ीदे का बुनियादी हिस्सा है?

मानवता के मार्गदर्शन लिए भेजे गए सभी नबियों एवं रसूलों पर ईमान, ईमान के स्तम्भों में से एक स्तम्भ है। इसके बगैर किसी का ईमान सही नहीं होता है। किसी भी नबी या रसूल का इंकार दीन की बुनियादी...

Faith and belief

[सूरा अल-बक़रा : 136]

जहाँ तक फ़रिश्तों की बात है, तो यह अल्लाह की सृष्टियों में से एक महान सृष्टि हैं, जो नूर से पैदा किए गए हैं। उन्हें अच्छा करने के लिए बनाया गया है। वे अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं। अ...

Faith and belief

मृत्यु के बाद दोबारा जीवित होकर उठने का क्या प्रमाण है?

अस्तित्व और घटनाओं के दृष्टांत, सभी इस बात को इंगित करते हैं कि जीवन में हमेशा निर्माण और पुनर्निर्माण का काम चलता रहता है। इसके बहुत सारे उदाहरण हैं, जैसा कि धरती की मृत्यु के बाद बारिश...

Faith and belief

[सूरा अल-रूम : 50]

जिस प्रकार अल्लाह अपने बन्दों को एक ही समय में जीविका प्रदान करता है, उसी प्रकार वह उन का हिसाब लेगा।

Faith and belief

एक मुसलमान आत्माओं के आवागवन के सिद्धांत में विश्वास क्यों नहीं करता है?

ब्रह्मांड में सब कुछ अल्लाह के नियंत्रण में है। वह अकेला ही व्यापक ज्ञान, पूर्ण जानकारी और सब कुछ अपनी इच्छा के अधीन करने की क्षमता और शक्ति रखता है। सृष्टि की शुरुआत से ही सूर्य, ग्रह और...

Faith and belief

[सूरा अल-ज़लज़ला : 7,8]

उदाहरण के तौर पर जब कोई व्यक्ति किसी स्टोर से कुछ खरीदना चाहे और अपने बड़े बेटे को वह चीज़ खरीदने को भेजने का फैसला करे कि उसे पहले से मालूम था कि उसका यह बेटा समझदार है, वह सीधे जाएगा और...

Faith and belief

सांसारिक जीवन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जीवन का मुख्य उद्देश्य सुख की अस्थायी अनुभूति का आनंद लेना नहीं, बल्कि अल्लाह को जानकर और उसकी आराधना करके गहरी आंतरिक शांति प्राप्त करना है।

Faith and belief

[सूरा अल-मुल्क : 2]

परीक्षा छात्रों के रैंक और ग्रेड निर्धारित करने के लिए आयोजित की जीती है, जब वे नया व्यवहारिक जीवन शुरू करते हैं। हालांकि परीक्षा छोटी चीज़ होती है, परन्तु यह आगे के नए जीवन में छात्र के...

Faith and belief

क्या इस्लाम ग्रहण करना सबके लिए उपलब्ध है?

हाँ, इस्लाम सबके लिए उपलब्ध है। हर बच्चा अपनी असली फ़ितरत पर पैदा होता है। बिना किसी मध्यस्थ के अपने अल्लाह की इबादत करने वाला (मुसलमान) होकर। माता-पिता, स्कूल या किसी धार्मिक पक्ष के हस्...

Faith and belief

[सहीह मुस्लिम]

सृष्टिकर्ता की तरफ से आने वाला सत्य धर्म अनेक नहीं, केवल एक है। वह है, एक अल्लाह पर ईमान और केवल उसकी इबादत करना। उसके अतिरिक्त जितने भी धर्म हैं, सब मानव निर्मित हैं। उदाहरण स्वरूप हम भा...

Faith and belief

[सूरा अल-बक़रा : 62]

ज्ञानोदय की इस्लामी अवधारणा विश्वास और विज्ञान की ठोस नींव पर आधारित है, जो विवेक के ज्ञान और हृदय के ज्ञान को पहले अल्लाह पर ईमान के साथ और फिर विज्ञान के साथ जोड़ती है, जो ईमान से अलग न...

Faith and belief

प्राकृतिक चयन के सिद्धांत पर इस्लाम की क्या राय है? Atheism A Giant Leap of Faith. Dr. Raida Jarrar

डार्विन के कुछ अनुयायी, जो प्राकृतिक चयन (एक तर्कहीन भौतिक प्रक्रिया) को एक अनूठा रचनात्मक शक्ति मानते थे, जो बिना किसी वास्तविक प्रायोगिक आधार के सभी कठिन विकासवादी समस्याओं को हल करती ह...

Faith and belief

एक मुसलमान इस विचार को क्यों स्वीकार नहीं करता है कि वानर मनुष्य की उत्पत्ति की असल है?

इस्लाम इस विचार को पूरी तरह से खारिज करता है और क़ुरआन ने यह स्पष्ट किया है कि अल्लाह तआला ने इंसान के सम्मान के तौर पर आदम -अलैहिस्सलाम- को दूसरी सभी सृष्टियों से अलग करके पैदा किया है,...

Faith and belief

इस्लाम अस्तित्व के स्रोत के सिद्धांतों को एक सच्चे सत्य की अनिवार्यता में सीमित क्यों करता है?

लोगों के बीच विभिन्न सिद्धांतों और विश्वासों के पाए जाने का मतलब यह नहीं है कि एक सच्चे सत्य का अस्तित्व नहीं है। उदाहरण के तौर पर एक काली कार के मालिक द्वारा उपयोग किए जाने वाले यातायात...

Faith and belief

क्या एक मुसलमान नैतिकता और इतिहास आदि के सापेक्षवादी सिद्धांतों को स्वीकार करता है?

यह अतार्किक है कि अपनी ख़्वाहिश से निर्देशित मानव निर्धारित करे कि बलात्कार बुरा है कि नहीं। यह स्पष्ट है कि बलात्कार अपने आप में मानव अधिकार का उल्लंघन और उसके महत्व एवं स्वतंत्रता को छी...

Faith and belief

मूल अस्तित्व और नैतिकता के एक व्यापक सत्य के अस्तित्व का क्या प्रमाण है?

एक व्यापक वास्तविकता के अस्तित्व का न होना, जिसे बहुत-से लोग अपनाए हुए हैं, यह अपने आप में ऐसी चीज़ पर ईमान लाना है, जो सही भी है और ग़लत भी। वे इसे दूसरों पर लागू करने की कोशिश करते हैं।...

Faith and belief

अस्तित्व के स्रोत का एकमात्र परम (अनियत) सत्य क्या है?

अंतरिक्ष में तैर रही पृथ्वी पर मनुष्यों की उपस्थिति ऐसे ही है, जैसे विभिन्न संस्कृतियों से संबंध रखने वाले यात्री एक विमान पर एकत्र हो जाएँ और वह उन्हें अज्ञात दिशा की ओर ले जाए और यह पता...

Faith and belief

क्या एक गैर-मुस्लिम के लिए काफिर शब्द का इस्तेमाल उसका अपमान है?

उदाहरण के तौर पर क्या ईसाई यह नहीं मानते कि मुसलमान काफ़िर है, क्योंकि वह ट्रिनिटी के सिद्धांत में विश्वास नहीं रखता और उनकी मान्यता अनुसार उसपर विश्वास किए बिना (आकाश में) नेक लोगों के स...

Quran

क़ुरआन क्या है?

क़ुरआन सारे संसारों के रब द्वारा भेजी गई सबसे आखिरी किताब है। मुसलमान उन सभी पुस्तकों पर विश्वास रखते हैं, जो क़ुरआन से पहले उतारी गई थीं, जैसे कि इब्राहिम के स़हीफ़े, ज़बूर, तोरात और इंज...

Quran

क्या पैगंबर मुहम्मद ने क़ुरआन को तौरात से कॉपी किया है?

यदि क़ुरआन यहूदियों के यहाँ से लिया गया होता, तो वे खुद बढ़-चढ़कर इसकी निस्बत अपनी ओर कर लेते। लेकिन क्या यहूदियों ने वह्य के उतरने के समय इस तरह का कोई दावा किया?

Quran

क्या क़ुरआन में जो कुछ आया है, उसे पैगंबर मुहम्मद ने पिछली सभ्यताओं से लिया है?

प्राचीन सभ्यताएँ सही ज्ञानों एवं बहुत सारी किंवदंतियों और मिथकों का संग्रह थीं। एक अशिक्षित नबी जो एक बंजर रेगिस्तान में पला-बढ़ा हो, इन सभ्यताओं से केवल सत्य को लेने और किंवदंतियों को छो...

Quran

क़ुरआन को अरबी भाषा में क्यों उतारा गया?

दुनिया में हजारों भाषाएं और बोलियां हैं। यदि उनमें से किसी भी एक भाषा में उतारा जाता, तो लोग प्रश्न करते कि दूसरी भाषा में क्यों नहीं उतारा गया? अल्लाह प्रत्येक रसूल को उसके समुदाय की भाष...

Quran

नासिख़ और मंसूख़ क्या है?

नासिख़ और मंसूख़ शरीयत के आदेशों में विकास का नाम है। मसलन पूर्व के आदेश को लागू करने से रोक देना, बाद में आने वाले किसी आदेश द्वारा उसे बदल देना, मुतलक़ (अनियत) को मुक़ैयद (नियत) करना या...

Quran

अबू बक्र के समयकाल में क़ुरआन को जमा करने एवं उस़मान के दौर में उसे जलाने की क्या कहानी है?

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने क़ुरआन को अपने विभिन्न साथियों के हाथ में विश्वस्त एवं संकलित रूप में छोड़ा, ताकि उसे पढ़ा और दूसरों को पढ़ाया जा सके। फिर जब अबू बक्र -रज़ियल्ल...

Quran

क्या क़ुरआन प्रयोगात्मक विज्ञान से टकराता है?

इस्लाम प्रयोगात्मक विज्ञान के विरुद्ध नहीं है। वास्तव में, कई पश्चिमी विद्वान जो अल्लाह में विश्वास नहीं रखते, अपनी वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से सृष्टिकर्ता के अस्तित्व की अनिवार्यता तक प...

Prophethood and seerah

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- कौन हैं और उनके संदेश की सच्चाई का क्या प्रमाण है?

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुल मुत्तलिबब बिन हाशिम, अरब के क़बीला क़ुरैश से हैं, जो मक्का में रहता था। आप इस्माईल बिन इब्राहीम -उन दोनों पर अल्लाह की शां...

Prophethood and seerah

यह कैसे संभव हुआ कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक ही रात में यरुशलम गए, फिर आसमानों की सैर की और उसी रात वापस भी आ गए?

मानव प्रौद्योगिकी ने एक ही क्षण में दुनिया के सभी हिस्सों में मानव आवाज और छवियों को पहुँचा दिया, तो क्या 1400 साल से अधिक पहले मानव जाति के सृष्टिकर्ता के लिए आत्मा और शरीर के साथ अपने प...

Prophethood and seerah

नबी मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आयशा से शादी क्यों की, जबकि वह छोटी उमर की थीं?

हम सहीह बुख़ारी (जो हदीस की सबसे प्रामाणिक पुस्तक है) में रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के लिए आयशा -अल्लाह उनसे राज़ी हो- की गहरी मुहब्बत की बात पाते हैं और देखते हैं कि उन्होंने इस शा...

Prophethood and seerah

http://muslimvilla.smfforfree.com/index.php...https://liguopedia.wordpress.com/.../19/agnes-de-france/...

बनू कुरैज़ा के यहूदियों ने वचन तोड़ा था और मुसलमानों को ख़त्म करने के लिए बहुदेववादियों का साथ दिया था। चुनांचे उनके इस षडयंत्र ने उन्हीं को नष्ट कर दिया, जब उनको धोखे एवं वचन तोड़ने का प...

Prophethood and seerah

जब धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं है, तो अल्लाह क्यों कहता है कि जो अल्लाह को नहीं मानते, उनसे लड़ाई करो?

पहली आयत : ''धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं है। सत्य असत्य से स्पष्ट हो चुका है।'' [154] यह आयत एक महान इस्लामी नियम को स्थापित करती है। वह नियम यह है कि धर्म के मामले में ज़ोर-ज़बरदस्ती नही...

Prophethood and seerah

इस्लाम में, इस्लाम छोड़ देने वाले की हत्या क्यों की जाती है?

ईमान बन्दा एवं उसके रब के बीच के रिश्ते को कहते हैं। जिसने उसे काटना चाहा, उसका मामला अल्लाह के हवाले है। मगर जो इसका एलान करना चाहता है और इसे इस्लाम से लड़ने, उसके चेहरे को बिगाड़ने या...

Prophethood and seerah

ईसा -अलैहिस्सलाम- ने अपने शत्रुओं से लड़ाई नहीं की, तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने क्यों की?

पैगंबर मूसा एक योद्ध थे और दाऊद भी एक योद्धा थे। मूसा और मुहम्मद ने, उन दोनों पर अल्लाह की शांति हो, राजनीतिक और सांसारिक मामलों की बागडोर संभाली और दोनों ने बुतपरस्त समुदाय से हिजरत की।...

Prophethood and seerah

जिहाद क्या है?

जिहाद का अर्थ है : गुनाहों से बचने के लिए अपनी आत्मा से लड़ना। गर्भावस्था का दर्द सहने के लिए गर्भावस्था में मां का संघर्ष भी जिहाद है। एक छात्र का पढ़ाई में मेहनत करना भी जिहाद है। अपने...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम आत्मघाती हमलों की अनुमति देता है और उनके बदले में जन्नत में हूर मिलने की बात करता है?

यह अतार्किक है कि जीवन देने वाला, जिसे जीवन दिया गया है, उसे आदेश दे कि वह अपना या किसी निर्दोष का जीवन बिना किसी अपराध के ले ले। वह तो कहता है : ''अपने आपकी हत्या मत करो।'' [166] इसके अल...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम तलवार के ज़ोर से फैला है?

शब्द सैफ़ (तलवार) पवित्र क़ुरआन में एक बार भी नहीं आया है। वो देश जहाँ इस्लामी इतिहास ने जंगें नहीं देखीं, वहीं आज दुनिया के अधिकांश मुसलमान रहते हैं। उदाहरण के तौर पर इंडोनेशिया, भारत और...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम में पुरोहित (जिन्हें पवित्र समझा जाए कि उनसे गलती नहीं हो सकती) एवं नेक लोग पाए जाते हैं और क्या मुसलमान पैगंबर मुहम्मद के साथियों को पवित्र मानते हैं (इस हद तक कि उनको मध्यस्थ बना लें)?

मुसलमान नेक लोगों और रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथियों के मार्ग पर चलते हैं, उनसे मुहब्बत करते हैं, उन्हीं ही तरह नेक बनने की कोशिश करते हैं और उन लोगों की तरह ही एक अल्लाह की इब...

Prophethood and seerah

शिया और सुन्नी में क्या अंतर है?

मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- न सुन्नी थे और न शिया। आप शुद्ध मुस्लिम थे। इसी तरह ईसा -अलैहिस्सलाम- न कैथोलिक थे और न और कुछ। दोनों बिना मध्यस्थ के एक अल्लाह के बन्दे थे। ईसा ने स्वय...

Prophethood and seerah

क्या इस्लाम में इमाम, ईसाई धर्म में पादरी की तरह है?

इमाम का अर्थ वह व्यक्ति है, जो लोगों को नमाज़ पढ़ाए, उनकी देख-भाल करे या उनका नेतृत्व करे। यह कुछ खास लोगों तक सीमित धार्मिक पद नहीं है। इस्लाम में कोई जातिवाद या पुरोहितवाद नहीं है। इस्ल...

Prophethood and seerah

नबी एवं रसूल में क्या अंतर है?

नबी वह है जिसकी ओर वह्य (प्रकाशन) भेजी जाती है, परन्तु वह कोई नया संदेश या कार्यप्रणाली लेकर नहीं आता, जबकि रसूल वह है जिसे अल्लाह, उसके समुदाय के अनुरूप नई कार्यप्रणाली एवं शरीयत देकर भे...

Prophethood and seerah

अल्लाह तआला लोगों की तरफ उन्हीं की तरह इंसान को रसूल बनाकर क्यों भेजता है, फ़रिश्तों को क्यों नहीं भेजता?

मानव के लिए जो उपयुक्त हो सकता है, वह उन्हीं की तरह मानव ही हो सकता है, जो उन्हीं की भाषा में उनसे बात करे और उनके लिए आदर्श हो। यदि उनकी ओर किसी फ़रिश्ते को रसूल बनाकर भेज जाता और वह कोई...

Prophethood and seerah

मूल पाप के बारे में इस्लाम की क्या राय है?

मानव पिता आदम -अलैहिस्सलाम- के वर्जित पेड़ से खा लेने के कारण, उनकी तौबा स्वीकार करने के समय अल्लाह ने जो मानव को पाठ पढ़ाया, वह सारे संसारों के रब के द्वारा मानव को क्षमा करने का पहला उद...

Prophethood and seerah

ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने के संबंध में इस्लाम की क्या राय है?

अल्लाह जो सारे संसार का सृष्टिकर्ता है, ज़िन्दा तथा नित्य स्थायी है। बेनियाज़ एवं सक्षम है। उसे मानवता के लिए मसीह का रूप धारण करके सूली पर चढ़कर जान देने की आवश्यकता नहीं है, जैसा कि ईसा...

Islam and society

मुसलमान अपनी बेटी की शादी किसी यहूदी या ईसाई से क्यों नहीं करता?

एक मुसलमान पति अपनी ईसाई या यहूदी पत्नी के मौलिक धर्म, उसकी धार्मिक पुस्तक एवं उसके रसूल का सम्मान करता है। बल्कि उसका ईमान इसके बग़ैर पूरा ही नहीं होता है। वह उसे अपने धर्म को मानने की स...

Islam and society

इस्लामी सभ्यता की विशेषताएँ क्या हैं?

इस्लामी सभ्यता ने अपने सृष्टिकर्ता के साथ अच्छा व्यवहार किया है और सृष्टिकर्ता और उसकी सृष्टि के बीच के संबंध को सही जगह पर रखा है। जबकि अन्य मानव सभ्यताओं ने अल्लाह के साथ अच्छा मामला नह...

Islam and society

क्या यह विरोधाभास नहीं है कि इस्लाम धर्म इतना तार्किक है और मुसलमानों की स्थिति इतनी कुव्यवस्था की शिकार है?

धर्म अच्छे आचरण और बुरे कर्मों से बचने का आह्वान करता है। इस प्रकार, कुछ मुसलमानों का बुरा व्यवहार उनकी सांस्कृतिक आदतों या उनके धर्म की अज्ञानता और सच्चे धर्म से उनकी दूरी के कारण होता है।

Islam and society

धर्म को राज्य से अलग क्यों न किया जाए और क्यों न इनसान की राय ही संदर्भ (reference) हो, जैसा कि पश्चिम में है?

पश्चिमी अनुभव मध्य युग में लोगों की क्षमताओं और दिमागों पर चर्च और राज्य के प्रभुत्व और गठबंधन की प्रतिक्रिया के रूप में आया। इस्लामिक व्यवस्था की व्यवहारिकता और तर्क को देखते हुए इस्लामी...

Islam and society

इस्लामी शरीयत एक अनोखा धार्मिक क़ानून है, जो तर्क के विरूद्ध नहीं है, तो हुदूद क्यों?

पृथ्वी पर उपद्रव का इरादा रखने वालों को रोकने और दंडित करने के लिए सीमाएँ निर्धारित की गई हैं। इसकी दलील यह है कि भूख और अत्यधिक आवश्यकता के कारण चोरी करने या ग़लती से हत्या करने के मामलो...

Islam and society

इस्लाम ने सामाजिक संतुलन को किस तरह सुनिश्चित किया है?

इस्लाम का एक सामान्य नियम यह है कि सभी प्रकार के धन अल्लाह के हैं और लोग इसके प्रभारी मात्र हैं और धन को केवल अमीरों के बीच घूमते रहना नहीं चाहिए। इस्लाम ने ज़कात के रास्ते से फ़क़ीरों एव...

Islam and society

इस्लाम ने आर्थिक संतुलन को किस तरह सुनिश्चित किया है?

उदाहरण के तौर पर इस्लाम की आर्थिक व्यवस्था और पूंजीवाद तथा समाजवाद के बीच एक सरल तुलना से यह स्पष्ट हो जाता है कि इस्लाम ने यह संतुलन कैसे सुनिश्चित किया है।

Islam and society

क्या इस्लाम एक अतिवादी धर्म है?

अतिवाद, कठोरता और असहिष्णुता यह ऐसे गुण हैं, जिनसे सच्चे धर्म ने मूल रूप से मना किया है। पवित्र क़ुरआन ने कई आयतों में व्यवहार में दया और करुणा को अपनाने और क्षमा और सहिष्णुता के सिद्धांत...

Islam and society

क्या इस्लाम एक संतुलित तथा आसान धर्म है?

धर्म मूल रूप से लोगों को उनके द्वारा खुद पर लगाए गए कई प्रतिबंधों से राहत दिलाने के लिए आता है। उदाहरण स्वरूप, इस्लाम से पूर्व जाहिलियत के समय कई घिनौनी प्रथाएँ फैल गई थीं, जैसे लड़कियों...

Family and women

मुस्लिम महिलाएँ पर्दा क्यों करती हैं?

"ऐ नबी! अपनी पत्नियों, अपनी बेटियों और ईमान वाले लोगों की स्त्रियों से कह दें कि वे अपने ऊपर अपनी चादरें डाल लिया करें। यह इसके अधिक निकट है कि वे पहचान ली जाएँ, फिर उन्हें कष्ट न पहुँचाय...

Family and women

क्या महिला का सर ढाँपना रूढ़िवादिता और पिछड़ापन है?

यदि सर ढ़ाँपना पिछड़ापन है तो क्या आदम -अलैहिस्सलाम- के पीछे भी कोई युग है? जबसे अल्लाह ने आदम -अलैहिस्सलाम- एवं उनकी पत्नी को पैदा किया और उन्हें जन्नत में जगह दी, उसी समय से उनके लिए पर...

Family and women

इस्लाम में पुरुष और महिलाएं अपने शरीर को एक समान क्यों नहीं ढकते हैं?

पुरुषों और महिलाओं के बीच शारीरिक संरचना में अंतर है, इस बात पर दुनिया एकमत है। इसका एक स्पष्ट प्रमाण यह है कि पुरुषों की तैराकी के कपड़े पश्चिम में महिलाओं के कपड़ों से अलग हैं। फ़ितना क...

Family and women

क्या इस्लाम ने स्त्रियों के लिए पुरुषों के साथ बराबरी सुनिश्चित की है?

मुस्लिम महिलाएं न्याय चाहती हैं, समानता नहीं। पुरुषों के साथ समानता से वह अपने कई अधिकारों और विशेषताओं को खो देंगी। मान लीजिए किसी व्यक्ति के दो पुत्र हैं। उनमें से एक की उम्र पांच साल औ...

Family and women

इस्लाम बहुविवाह की अनुमति क्यों देता है?

वैश्विक आँकड़ों के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं का जन्म लगभग समान दर से होता है। यह वैज्ञानिक रूप से ज्ञात है कि महिला बच्चों के बचने और जीवित रहने की संभावना लड़कों की तुलना में अधिक होती...

Family and women

एक महिला को एक ही समय में चार पुरुषों से शादी करने का अधिकार क्यों नहीं है, जैसा कि एक पुरुष को है?

एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु जिसे आधुनिक समाज में अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, वह अधिकार है, जो इस्लाम ने महिलाओं को दिया है और पुरुषों को नहीं दिया है। एक पुरुष की शादी केवल अविवाहित महि...

Family and women

इस्लाम में औरतों पर मर्दों को मालिक क्यों बनाया गया है?

मर्द का औरत पर पर्यवेक्षक बनाया जाना औरत का सम्मान एवं मर्द की ज़िम्मेदारी बढ़ाना है, क्योंकि मर्द औरत की देख-भाल तथा उसकी ज़रूरतों को पूरा करता है। मुस्लिम महिलाएँ रानी की भूमिका निभाती...

Family and women

इस्लाम में पुरुष को जो विरासत में मिलता है, औरत को उसका आधा हिस्सा क्यों मिलता है?

इस्लाम से पहले, महिलाओं को विरासत से वंचित कर दिया गया था। जब इस्लाम आया, तो उसे विरासत में शामिल किया। औरत को पुरुषों की तुलना में अधिक या उनके बराबर हिस्सा भी मिलता है। कुछ हालतों में व...

Family and women

इस्लाम ने पुरुष के लिए महिला को मारने की अनुमति क्यों दी?

मुहम्मद -शांति और आशीर्वाद उनपर हो- ने अपने जीवन में कभी किसी महिला को नहीं मारा। जहाँ तक क़ुरआन की उस आयत का संबंध है, जिसमें मारने के बारे में बताया गया है, तो इसका अर्थ अवज्ञा के मामले...

Ethics, rights and dealings

पैगंबर मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने व्यभिचार के लिए दंड क्यों निश्चित किया, जबकि मसीह -अलैहिस्सलाम- ने व्यभिचारिणी को क्षमा कर दिया था?

व्यभिचार के अपराध के गंभीर दंड के संंबंध में यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम के बीच पूर्ण सहमति है। [223] [ओल्ड टेस्टामेंट, Book of Leviticus : 20: 10 –18]

Ethics, rights and dealings

माता-पिता और रिश्तेदारों के अधिकार के बारे में इस्लाम का क्या कहना है?

"और (ऐ बंदे) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत न करो, तथा माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करो। यदि तेरे पास दोनों में से एक या दोनों वृद्धावस्था को पहुँच जाएँ, तो उन्...

Ethics, rights and dealings

पड़ोसी के अधिकार के बारे में इस्लाम का क्या कहना है?

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : “अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है।” प...

Ethics, rights and dealings

जानवरों के अधिकारों के बारे में इस्लाम क्या कहता है?

''तथा धरती में न कोई चलने वाला है तथा न कोई उड़ने वाला, जो अपने दो पंखों से उड़ता है, परंतु तुम्हारी जैसी जातियाँ हैं। हमने पुस्तक में किसी चीज़ की कमी नहीं छोड़ी। फिर वे अपने पालनहार की...

Ethics, rights and dealings

क्या कुरआन ने पर्यावरण संबंधित मसलों पर बात की है?

''तथा धरती में उसके सुधार के पश्चात् बिगाड़ न पैदा करो, और उसे भय और लोभ के साथ पुकारो। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है।'' [256] [सूरा अल-आराफ़ : 56]

Ethics, rights and dealings

इस्लाम ने गोद लेने पर रोक क्यों लगाई है?

इस्लाम अनाथ के लालन-पालन करने की प्रेरणा देता है और अनाथ का लालन-पालन करने वाले से आग्रह करता है कि वह अनाथ के साथ वैसा ही व्यवहार करे जैसा वह अपने बच्चों के साथ करता है। परन्तु अनाथ का अ...

Ethics, rights and dealings

इस्लाम में लाल और सफेद मांस खाने की अनुमति क्यों दी गई है?

मांस प्रोटीन का मूल स्रोत है। इसी तरह इन्सान के कुछ दाँत चिपटे और कुछ नुकीले होते हैं। ये दांत मांस चबाने और पीसने के काम आते हैं। अल्लाह ने मनुष्य को पौधों और जानवरों को खाने के लिए उपयु...

Ethics, rights and dealings

क्या इस्लाम में जानवरों को ज़बह करने का तरीक़ा अमानवीय नहीं है?

जानवर को ज़बह करने का इस्लामी तरीक़ा, जिसमें जानवर के गले और अन्ननली को तेज चाकू से काट दिया जाता है, बिजली का झटका देकर मारने तथा दम घोंटकर मारने से अधिक दयापूर्ण तरीक़ा है। क्योंकि मस्त...

Ethics, rights and dealings

क्या खाने के लिए ज़बह किए जाने वाले जानवरों में इंसानों जैसी आत्मा नहीं होती?

पशु की आत्मा और मानव आत्मा के बीच एक बड़ा अंतर है। जानवर की आत्मा शरीर को हरकत देने वाली शक्ति है। जब यह मृत्यु के कारण उसके शरीर से अलग हो जाती है, तो वह एक निर्जीव लाश बन जाता है। यह भी...

Ethics, rights and dealings

इस्लाम ने सूद को वर्जित क्यों किया है?

इस्लाम में धन का उद्देश्य व्यापार, वस्तुओं एवं सेवाओं का आदान-प्रदान, निर्माण और आबादकारी है। अतः जब हम कमाने के उद्देश्य से धन उधार देते हैं, तो हम धन को आदान-प्रदान और विकास का साधन बना...

Ethics, rights and dealings

इस्लाम शराब पीने से क्यों मना करता है?

अल्लाह तआला ने अक़्ल देकर मनुष्य को अन्य सभी प्राणियों से अलग किया है और हमपर उन चीज़ों को हराम किया है, जो हमारी अक़्ल या शरीर को हानि पहुँचाएँ। इसलिए उसने हमपर हर नशा लाने वाली चीज़ को...

Worship

पैगंबर मुहम्मद द्वारा लाए गए इस्लाम के स्तंभ क्या हैं?

सृष्टिकर्ता के एक होने की गवाही और स्वीकृति देना और उसी की इबादत करना, साथ ही यह स्वीकार करना कि मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उसके बन्दे एवं उसके रसूल हैं।

Worship

एक मुसलमान दिन में पांच बार नमाज़ क्यों पढ़ता है?

मुसलमान पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शिक्षाओं का पालन करता है और ठीक उसी तरह नमाज़ पढ़ता है, जैसे पैगंबर ने नमाज़ पढ़ी थी।

Worship

मुसलमान मक्का की ओर मुँह करके नमाज़ क्यों पढ़ते हैं?

अल्लाह ने पवित्र घर काबा [297] को इबादत के लिए पहला घर और मोमिनों की एकता का प्रतीक बनाया है, जिसकी ओर सभी मुसलमान नमाज़ के समय मुँह करते हैं और इस तरह वे धरती के विभिन्न क्षेत्रों से दाय...

Worship

नमाज़ के क़िबले की दिशा अल-अक्सा मस्जिद से मक्का की मस्जिद-ए-हराम की ओर क्यों बदल दी गई?

पूरे इतिहास में काबा का बहुत उल्लेख किया गया है। अरब प्रायद्वीप के सबसे दूरस्थ हिस्सों से भी लोग सालाना इसका भ्रमण करते और पूरे अरब प्रायद्वीप के लोग इसकी पवित्रता का सम्मान करते रहे हैं।...

Worship

क्या हज के अवसर पर किए जाने वाले कार्य, जैसे काबा आदि का सम्मान, मूर्तिपूजक अनुष्ठान नहीं हैं?

बुतपरस्त धर्मों और कुछ निर्धारित स्थानों तथा प्रतीकों का सम्मान करने के बीच एक बड़ा अंतर है, चाहे वो धार्मिक हों या राष्ट्रीय या सामुदायिक।

Worship

एक मुसलमान हजर-ए-असवद (काले पत्थर) की अगर इबादत नहीं करता, तो उसे चूमता क्यों है?

उदाहरण के लिए, क्या हम किसी को अपने पिता के पत्र वाले लिफाफे को चूमने के लिए दोषी ठहराते हैं? हज के सभी काम अल्लाह के ज़िक्र को स्थापित करने के लिए एवं सारे संसार के रब की आज्ञाकारिता और...

Worship

क्या हज की रस्में अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ मुसलमानों के मरने की आशंका के कारण भयावह नहीं हैं?

हज के दौरान भीड़ से मौत चंद सालों को छोड़कर नहीं हुई है। आम तौर पर भीड़ से मरने वालों की संख्या भी बहुत कम होती है। लेकिन उदाहरण स्वरूप, शराब पीने के कारण मरने वालों की संख्या लाखों में ह...

Faith and belief

इस्लाम में अल्लाह अपने बंदों से प्रेम करता है, तो वह उन्हें व्यक्तिवाद की पद्धति का पालन करने की अनुमति क्यों नहीं देता है? [304] जबकि व्यक्तिवाद मानता है कि व्यक्ति के हितों की रक्षा एक मूलभूत मुद्दा है, जिसे राज्य और समूहों के हितों की परवाह किए बिना प्राप्त किया जाना चाहिए। इसी तरह वे व्यक्ति के हित में किसी बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करते हैं। चाहे वह समाज हो या संस्थान जैसा कि सरकार।

क़ुरआन में ऐसी बहुत-सी आयतें हैं, जो बन्दों के लिए अल्लाह की दया और प्रेम का उल्लेख करती हैं। परन्तु बन्दा के लिए अल्लाह की मुहब्बत बन्दों के एक-दूसरे से प्रम की तरह नहीं है। क्योंकि मानव...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता अपने बन्दों के लिए दयालु है, तो वह समलैंगिक प्रवृत्तियों को स्वीकार क्यों नहीं करता है?

"जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम ऐसी निर्लज्जता का काम कर रहे हो, जो तुमसे पहले संसारवासियों में से किसी ने नहीं किया है? तुम स्त्रियों को छोड़कर कामवासना की पूर्ति के लिए पुरुषों के...

Faith and belief

अल्लाह स्वयं को कभी क्षमाशील और दयालु और अन्य समयों में कठोर दंड देने वाले के रूप में कैसे वर्णित करता है?

अल्लाह उन लोगों के लिए क्षमाशील और दयालु है, जो बिना किसी जिद के और मानव स्वभाव और मनुष्य की कमज़ोरी के कारण पाप करते हैं, फिर उसके सामने तौबा करते हैं और अपने गुनाहों द्वारा अल्लाह को चु...

Faith and belief

प्राकृतिक आपदाओं में सृष्टिकर्ता की क्या हिकमत है?

सृष्टिकर्ता ने प्रकृति के नियम और उन्हें संचालित करने वाली पद्धतियाँ स्थापित कर रखी हैं। ये नियम और पद्धतियाँ किसी पर्यावरणीय असंतुलन या खराबी की स्थिति में खुद को खुद के द्वारा बचाने का...

Faith and belief

क्या जीवन में बुराई की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अल्लाह नहीं है?

अल्लाह के अस्तित्व को नकारने के बहाने के रूप में इस सांसारिक जीवन में बुराई के अस्तित्व के कारण के बारे में प्रश्न करने वाला, हमारे सामने अपनी अदूरदर्शिता, उसके पीछे की हिकमत के संबंध में...

Faith and belief

अल्लाह आग का अज़ाब क्यों देता है?

उदाहरण के तौर पर जो व्यक्ति अपने माता-पिता का तिरस्कार करता है, उनका अपमान करता है, उन्हें घर से बाहर निकाल देता है और उन्हें सड़क पर डाल देता है, हम उस व्यक्ति के बारे में क्या महसूस करे...

Faith and belief

सृष्टिकर्ता अपने बंदों के छोटे से जीवन में उनके द्वारा किए गए थोड़े से पापों के लिए उनको अंतहीन पीड़ा देगा?

कई अपराधों में उम्रकैद की सजा होती है। क्या कोई है जो कहता है कि उम्रकैद की सजा अनुचित है, क्योंकि अपराधी ने कुछ ही मिनटों में अपना अपराध किया? क्या दस साल की सजा अन्यायपूर्ण है, क्योंकि...

Faith and belief

अल्लाह बार बार अग्नि की चेतावनी क्यों देता है? क्या यह अल्लाह की दया के गुण के विपरीत नहीं है?

माँ अपने बच्चों को यात्रा या काम पर जाते समय आते-जाते अपना ध्यान रखने की चेतावनी देकर बहुत थका देती है, तो क्या वह एक क्रूर माँ मानी जाती है? यह मामला को उलटा पेश करने का मामला है, जो दया...

Faith and belief

कुरआन क्यों दोहराता है कि अल्लाह मोमिनों से प्यार करता है और काफ़िरों से प्यार नहीं करता है? क्या सभी लोग उसके बन्दे नहीं हैं?

अल्लाह तआला ने अपने सभी बन्दों को मुक्ति का मार्ग दिखाया है और वह उनके लिए अविश्वास को पसंद नहीं करता है। साथ ही वह ग़लत व्यवहार को पसंद नहीं करता है, जो इंसान कुफ़्र एवं धरती पर बिगाड़ क...

Faith and belief

क्या इंसान अपने माता-पिता और पूर्वजों के धर्म को बदल सकता है?

इस ब्रह्मांड के चारों ओर तलाश करना एवं ज्ञान प्राप्त करना मनुष्य का अधिकार है। अल्लाह ने हमें यह बुद्धि इसलिए दी है, ताकि हम इसका प्रयोग करें, न कि इसे बेकार छोड़ दें। जो भी व्यक्ति अपनी...

About this guide

इस पुस्तक का उद्देश्य है, इस्लाम धर्म के बारे प्रचलित प्रश्नों के उत्तर के माध्मय से इस महान धर्म का लोगों से परिचय कराना; सदियों से विभिन्न सभ्यताओं तथा जातियों को समायोजित करने, घटनाओं के साथ जीते हुए आगे बढ़ने और विकास के साथ तालमेल रखने में उसकी विशिष्टता, अनुपमता और लचीलेपन को दर्शाना तथा उसकी मज़बूती, उसके चेहरे को बिगाड़ने के प्रयासों के बावजूद उसके बाक़ी एवं जारी रहने की क्षमता और उन नाकारात्मक प्रचारों के सामने डटे रहने की शक्ति को बयान करना, जो उसके विरुद्ध किए जाते हैं, जो उसे आतंकवाद से जोड़ते हैं और लोगों को उसके ख़िलाफ़ लड़ने पर उभारते हैं।

मैं उच्च एवं क्षमतावान अल्लाह से दुआ करता हूँ कि वह इस पुस्तक को ऐसा चिराग बनाए जिससे सत्य की खोज करने वालों, रौशन दिमाग तथा खुले दिल रखने वालों का रास्ता प्रकाशमय हो तथा इसे शांति का संदेश बनाए जो इस्लाम धर्म के लिए सब के काम आए।