ජේසු ක්රිස්තු තුමා අනාචාරයට සමාව දෙන අතරේ මුහම්මද් නබිතුමා අනාචාරයට දඬුවම් නියම කළේ ඇයි?
व्यभिचार के अपराध के गंभीर दंड के संंबंध में यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम के बीच पूर्ण सहमति है। [223] [ओल्ड टेस्टामेंट, Book of Leviticus : 20: 10 –18]
Questions about justice, rights, dealings, food, finance and conduct.
व्यभिचार के अपराध के गंभीर दंड के संंबंध में यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम के बीच पूर्ण सहमति है। [223] [ओल्ड टेस्टामेंट, Book of Leviticus : 20: 10 –18]
इस्लाम ने लोगों के बीच न्याय और नाप-तौल में निष्पक्षता स्थापित करने का आह्वान किया है।
"और (ऐ बंदे) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत न करो, तथा माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करो। यदि तेरे पास दोनों में से एक या दोनों वृद्धावस्था को पहुँच जाएँ, तो उन्...
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : “अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है।” प...
''तथा धरती में न कोई चलने वाला है तथा न कोई उड़ने वाला, जो अपने दो पंखों से उड़ता है, परंतु तुम्हारी जैसी जातियाँ हैं। हमने पुस्तक में किसी चीज़ की कमी नहीं छोड़ी। फिर वे अपने पालनहार की...
''तथा धरती में उसके सुधार के पश्चात् बिगाड़ न पैदा करो, और उसे भय और लोभ के साथ पुकारो। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है।'' [256] [सूरा अल-आराफ़ : 56]
इस्लाम हमें सिखाता है कि सामाजिक कर्तव्य प्यार, दया और दूसरों के प्रति सम्मान पर आधारित होने चाहिएँ।
इस्लाम अनाथ के लालन-पालन करने की प्रेरणा देता है और अनाथ का लालन-पालन करने वाले से आग्रह करता है कि वह अनाथ के साथ वैसा ही व्यवहार करे जैसा वह अपने बच्चों के साथ करता है। परन्तु अनाथ का अ...
मांस प्रोटीन का मूल स्रोत है। इसी तरह इन्सान के कुछ दाँत चिपटे और कुछ नुकीले होते हैं। ये दांत मांस चबाने और पीसने के काम आते हैं। अल्लाह ने मनुष्य को पौधों और जानवरों को खाने के लिए उपयु...
जानवर को ज़बह करने का इस्लामी तरीक़ा, जिसमें जानवर के गले और अन्ननली को तेज चाकू से काट दिया जाता है, बिजली का झटका देकर मारने तथा दम घोंटकर मारने से अधिक दयापूर्ण तरीक़ा है। क्योंकि मस्त...
पशु की आत्मा और मानव आत्मा के बीच एक बड़ा अंतर है। जानवर की आत्मा शरीर को हरकत देने वाली शक्ति है। जब यह मृत्यु के कारण उसके शरीर से अलग हो जाती है, तो वह एक निर्जीव लाश बन जाता है। यह भी...
यह अल्लाह की अपनी सृष्टि पर रहमत और दया है कि उसने हमें स्वच्छ चीज़ों को खाने का आदेश दिया है एवं बुरी चीजों के खाने से मना किया है।
इस्लाम में धन का उद्देश्य व्यापार, वस्तुओं एवं सेवाओं का आदान-प्रदान, निर्माण और आबादकारी है। अतः जब हम कमाने के उद्देश्य से धन उधार देते हैं, तो हम धन को आदान-प्रदान और विकास का साधन बना...
अल्लाह तआला ने अक़्ल देकर मनुष्य को अन्य सभी प्राणियों से अलग किया है और हमपर उन चीज़ों को हराम किया है, जो हमारी अक़्ल या शरीर को हानि पहुँचाएँ। इसलिए उसने हमपर हर नशा लाने वाली चीज़ को...